देवब्रत मंडल

गया: रेल जिला पटना के अंतर्गत गया रेल थाना पुलिस द्वारा दर्ज मामलों में गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान और साक्ष्य संकलन के आधार पर मार्च 2026 के दौरान 7 अलग-अलग कांडों में 7 अभियुक्तों को न्यायालय से सजा दिलाई गई। यह कार्रवाई रेल पुलिस अधीक्षक अनंत कुमार राय के नेतृत्व में अपराध नियंत्रण और विधि-व्यवस्था सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
अभियुक्तों के खिलाफ मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत किए गए
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रेल थाना गया में दर्ज विभिन्न मामलों में त्वरित अनुसंधान करते हुए अभियुक्तों के खिलाफ मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत किए गए, जिसके फलस्वरूप माननीय न्यायालयों ने दोष सिद्ध होने पर सजा सुनाई। इन मामलों में अभियुक्तों को अलग-अलग धाराओं के तहत सजा दी गई, जिसमें 5 माह से 7 माह तक के साधारण कारावास के साथ-साथ 500 रुपये से 5000 रुपये तक के अर्थदंड शामिल हैं। कुछ मामलों में बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए अभियुक्तों को जुर्माना एवं अन्य दंड भी दिया गया।
रेल एसपी ने कहा- रेलवे क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियां बर्दाश्त नहीं
रेल एसपी श्री राय ने कहा कि यह कार्रवाई अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश है कि रेलवे क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही यात्रियों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। रेल प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत रेल पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
देखें प्रमुख मामलों का विवरण, किसको किसको मिली सजा:
कांड संख्या 266/25 (धारा 317(2) बीएनएस):
अभियुक्त कुंदन कुमार (जिला अरवल) को 7 माह के साधारण कारावास की सजा।
कांड संख्या 255/25 (धारा 303(2) बीएनएस):
अभियुक्त राजेश चौधरी (गया) को 7 माह के साधारण कारावास की सजा।
कांड संख्या 72/26 (बिहार मद्यनिषेध अधिनियम):
अभियुक्त अनुप सिंह (गया) को 3000 रुपये का अर्थदंड।
कांड संख्या 57/26 (उत्पाद अधिनियम):
एक अभियुक्त को 500 रुपये का अर्थदंड एवं प्रोबेशन ऑफ ऑफेंडर एक्ट के तहत लाभ।
कांड संख्या 323/25 (धारा 317(2) बीएनएस):
अभियुक्त मोहन मिस्त्री (गया) को 5 माह के साधारण कारावास की सजा।
कांड संख्या 81/26 (बिहार मद्यनिषेध अधिनियम):
अभियुक्त हरविंदर सिंह (पंजाब) को 3000 रुपये का अर्थदंड।
कांड संख्या 84/26 (बिहार मद्यनिषेध अधिनियम):
अभियुक्त सुशील कुमार शर्मा (रोहतास) को 5000 रुपये का अर्थदंड।
निष्कर्ष:
रेल जिला पटना की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। लगातार सजा दिलाने की इस प्रक्रिया से अपराधियों में भय का माहौल बना है, वहीं आम यात्रियों के बीच सुरक्षा की भावना मजबूत हुई
