देवब्रत मंडल

दिनेश सिंह तोमर ने डीडीयू मंडल के सीनियर कमांडेंट के रूप में पदभार ग्रहण करते ही रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की कार्यप्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में कदम उठाये हैं। नये सीनियर कमांडेंट ने कार्यभार संभालने के तुरंत बाद आरपीएफ अधिकारियों और जवानों के साथ एक महत्वपूर्ण ऑनलाइन बैठक की, जिसमें उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, अनुशासन, सतर्कता और आगामी माघ मेले के मद्देनजर कई अहम निर्देश दिये।
पूरी निष्ठा और ईमानदारी से कर्तव्यों का निर्वहन करने का निर्देश
बैठक में सीनियर कमांडेंट श्री तोमर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि डीडीयू मंडल एक संवेदनशील और व्यस्त मंडल है, जहां प्रतिदिन लाखों यात्रियों की आवाजाही होती है। ऐसे में आरपीएफ की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी और सभी अधिकारी व जवान पूरी निष्ठा और ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें।
माघ मेले को लेकर विशेष सतर्कता के निर्देश
माघ मेले को लेकर विशेष सतर्कता के निर्देश देते हुए सीनियर कमांडेंट ने कहा कि माघ मेले के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु रेल मार्ग से यात्रा करते हैं, जिससे स्टेशनों और ट्रेनों में भीड़ काफी बढ़ जाती है। इस दौरान जेबकतरी, सामान चोरी, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, बुजुर्ग यात्रियों की मदद जैसे मुद्दे अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाते हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि मेले की अवधि के दौरान सभी प्रमुख स्टेशनों, ट्रेनों और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त बल की तैनाती करें और इसकी एक फोटो खींच कर फोटो भेजे।
सुरक्षा व्यवस्था में तकनीक के बेहतर उपयोग पर जोर
सीनियर कमांडेंट ने सुरक्षा व्यवस्था में तकनीक के बेहतर उपयोग पर भी जोर दिया। उन्होंने सीसीटीवी कैमरों की नियमित निगरानी, कंट्रोल रूम की सक्रियता और सूचना तंत्र को मजबूत करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलते ही संबंधित टीम को तुरंत मौके पर भेजा जाएं। इसके साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल माध्यमों के जरिए यात्रियों को जागरूक करने की बात भी कहीं।
इन चीजों पर विशेष नजर रखने का निर्देश
श्री तोमर ने ट्रेनों में नियमित चेकिंग अभियान चलाए जाने, बिना टिकट यात्रा, अवैध वेंडिंग, संदिग्ध सामान और अपराधियों पर विशेष नजर रखने, प्लेटफार्म, फुट ओवरब्रिज, सर्कुलेटिंग एरिया और पार्किंग स्थलों पर गश्त बढ़ाने के निर्देश भी दिये गये।
