देवब्रत मंडल

गया रेल थाना क्षेत्र में हावड़ा-जोधपुर एक्सप्रेस में सोना के साथ चल रहे धनञ्जय शाश्वत नामक सोने के व्यापारी के कूरियर से सोना लूटकांड में हर दिन एक न एक राज परत दर परत खुलते जा रहे हैं। इस कांड की जांच कर रही एसआईटी की टीम को कई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लग रहे हैं। इसी कड़ी में बुधवार को एसआईटी की टीम उस वाटर प्लांट की जांच के लिए पहुंची, जहां लूटे गए सोने के बिस्किट की कटाई की बात बिनोद अग्रवाल ने स्वीकार किया है। इस टीम को लीड कर रहे पटना रेल मुख्यालय के डीएसपी भास्कर रंजन के नेतृत्व में टीम बुधवार को गया-पटना रोड में चाकन्द के सती स्थान में स्थित ए. एस. एम आरओ वाटर प्लांट पहुंची।
वाटर प्लांट से पुलिस को मिले हैं कई अहम सबूत
टीम को इस जगह से महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं लेकिन इसका खुलासा टीम नहीं कर रही है। टीम में शामिल पुलिस पदाधिकारी आसपास के लोगों से कई आवश्यक जानकारियां हासिल की है। आसपास के लोगों ने टीम को इस प्लांट के मालिक के बारे में बताया है कि गया जी(शहर) के रहने वाले एक व्यक्ति का है।
इसी इवीएम आरओ प्लांट में काटा गया था सोना
पिछले दिनों हिरासत में लिए नए विनोद बरनवाल ने पुलिस को बताया था कि उसे इसी आरओ प्लांट में लूटे गए सोना के बिस्किट को काटने के लिए ले जाया गया था।
विनोद बरनवाल को सोना काटने का काम करने का लाइसेंस नहीं
यहां सोने की कटिंग करने वाले विनोद के निशानदेही पर अगले दिन ही एसआईटी की टीम गया जी के टावर चौक स्थित सर्राफा मंडी के एक सोने के व्यापारी बुलियन एसोसिएशन के गया जिला कोषाध्यक्ष मोहित अग्रवाल उर्फ गोलू को गिरफ्तार करने के लिए मोहित की दुकान पर पहुंची थी लेकिन वह किसी तरह भागने में सफल रहा। जिसके छत्तीसगढ़ में छिपे हुए रहने की सूचना पुलिस को प्राप्त हुई है। जैसी सूचना मिल रही है कि विनोद बरनवाल को सोना गलाने या काटने के लिए लाइसेंस नहीं प्राप्त है।
आरओ प्लांट का मालिक फरार चल रहे आरोपी मो. परवेज है
इधर, जिस दिन इस कांड के छः आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए न्यायालय से गिरफ्तारी के वारंट जारी किए गए थे, उस दिन विनोद बरनवाल को एसआईटी की टीम अपने साथ रखे हुए थे। वारंट प्राप्त करने के लिए पटना रेल मुख्यालय से एक पुलिस पदाधिकारी गया रेलवे कोर्ट पहुंचे थे। जैसा कि सर्वविदित और सभी को इस बात की जानकारी प्राप्त हो रही है कि इस ए.एस.एम आरओ प्लांट का मालिक मो. परवेज है जो इस कांड का आरोपी है।

हावड़ा-जोधपुर एक्सप्रेस में हुई थी सोने की लूट
21 नवंबर 2025 को हावड़ा-जोधपुर एक्सप्रेस के साधारण बोगी में सोने के साथ सफर कर रहे मनोज सोनी नामक सोने चांदी के व्यापारी धनञ्जय शाश्वत को मारपीट कर गया रेल थाना का चार सिपाही, रेल थाना का पूर्व चालक सीताराम उर्फ अमन शर्मा तथा परवेज ने सोना लूट लिया था।
कांड के सफल उद्भेदन में टीम लगातार कार्य कर रही
इस कांड में इन छह लोगों की गिरफ्तारी के लिए गया तथा जहानवाद, अरवल जिले में पुलिस की टीम लगातार छापेमारी कर रही है। इस टीम को मिल रहे इनपुट्स के आधार पर लगातार लगी हुई है। उम्मीद है कि बहुत जल्द ही इस कांड का सफल उद्भेदन हो सकता है।

पूर्व रेल थानाध्यक्ष की हो चुकी है गिरफ्तारी, छह आरोपी अब भी पकड़ से दूर
इस कांड में निवर्तमान रेल थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह को गिरफ्तार कर एसआईटी की टीम गिरफ्तार कर चुकी है। फिलहाल इनकी जमानत याचिका खारिज हो चुकी है। अब गया व्यवहार न्यायालय में जमानत याचिका दायर करने के लिए सर्टिफाइड नकल इनके अधिवक्ता निकाल चुके हैं और स्थानीय शीर्ष अदालत(व्यवहार न्यायालय) में जमानत याचिका दायर करने की बात है।
लूटा गया सोना और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी
इस कांड में गया रेल थाना के आरोपी चार सिपाही तथा दो सिविलियन परवेज तथा सीताराम की गिरफ्तारी खबर लिखे जाने तक नहीं हो सकी है लेकिन इन सभी छः आरोपियों की गिरफ्तारी तथा लूटे गए करीब एक किलोग्राम सोना की बरामदगी नहीं हो सकी है।
मामला हाई प्रोफाइल होने की वजह से कई चीजें गुप्त रखी जा रही
करीब डेढ़ करोड़ रुपए की सोने की हुई लूट का मामला हाई प्रोफाइल हो गया है। जिसपर पुलिस अधिकारी मीडिया से काफी दूरी बनाए रखना चाहते हैं। वैसे जांच टीम में शामिल एक अधिकारी तथा गया रेल थानाध्यक्ष शिव कुमार आपसी तालमेल बिठा कर इस कांड के सफल उद्भेदन के लिए दिन रात एक किए हुए हैं।
