देवब्रत मंडल

गया जी: भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने बिहार में भूमि अधिग्रहण से प्रभावित रैयतों को शीघ्र मुआवजा दिलाने और उन्हें अनावश्यक कानूनी मुकदमों से बचाने के लिए एक विशेष राज्यव्यापी अभियान शुरू किया है।
भूमि स्वामियों को उनके संवैधानिक एवं वैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया
इस अभियान के तहत, एनएचएआई और बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार ने गया जिले के ‘जिला विधिक सेवा प्राधिकार’ में एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यशाला में भूमि स्वामियों को उनके संवैधानिक एवं वैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया और उन्हें भूमि अधिग्रहण की जटिल कानूनी प्रक्रिया और मुआवजा निर्धारण की बारीकियों को सरल भाषा में समझाया गया।
अधिकारी ने बताया कि ऐसी गलती नहीं करें, समय बर्बाद होते हैं
एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी एन. एल. येवतकर ने बताया कि अक्सर मुआवजे से जुड़ी याचिकाएं सीधे उच्च न्यायालय में दायर कर दी जाती हैं, जिन्हें बाद में राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम, 1956 के वैधानिक मंच पर वापस भेज दिया जाता है। इस प्रक्रिया में रैयतों के कई साल बर्बाद हो जाते हैं।
इन्हें निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी
इस अभियान के तहत, समाज के कमजोर वर्गों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। महिलाओं, बच्चों, अनुसूचित जाति/जनजाति के सदस्यों और 1.5 लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाले नागरिकों को पूर्णतः निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
