देवब्रत मंडल

गया जी के उत्तरी भाग में बागेश्वरी गुमटी के पास बनने वाले आरओबी सह पहुंच पथ के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सार्वजनिक सूचना जारी कर हितबद्ध लोगों को बता दिया गया है कि इस जगह पर आरओबी सह पहुंच पथ के निर्माण के लिए निजी और सरकारी भूमि अधिग्रहण के दायरे में आ रही है। इसके लिए बजाप्ता अधिसूचना जारी कर दी गई है।
बागेश्वरी-पावरगंज रोड स्थित भूमि अधिग्रहण के दायरे में
बता दें कि शहर में जाम की समस्याओं से मुक्ति दिलाने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आमजनों के हित में नई दिल्ली-हावड़ा ग्रैंड कॉर्ड रेलखंड पर गया-मानपुर जंक्शन के बीच एलसी 17/A के बदले फ्लाई ओवर ब्रिज और अप्रोच रोड बनाने की योजना को मंजूरी दे दी है। जिसको लेकर बागेश्वरी-पावरगंज रोड स्थित जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। इसके लिए भूमि अधिग्रहण कानून की धारा 11(1) के तहत गजट का प्रकाशन 7 फरवरी 2026 को किया गया है।
88,997.436 वर्गफीट जमीन अधिग्रहण किया जा रहा
प्रकाशित गजट के अनुसार इस महत्वपूर्ण योजना के लिए कुल 2.0431 एकड़ भूमि अधिग्रहण किया जाना है। इस आधार पर देखा जाए तो इस परियोजना के लिए कुल 88,997.436 वर्गफीट जमीन अधिग्रहण किया जा रहा है। गजट में हितबद्ध रैयतों के नाम के साथ साथ उनकी कितनी जमीन अधिग्रहण के दायरे में आ रही है और कितनी भूमि सरकारी खाते की है, इसका उल्लेख गजट किया गया है। इस गजट के प्रकाशन की जानकारी लगभग हितबद्ध रैयतों को मिल गई है।
कई लोगों को प्रकाशित गजट पर है आपत्ति
कुछ लोगों ने बताया कि जिस जमीन पर उनके मकान और जमीन हैं उसका उल्लेख प्रकाशित गजट में नहीं किया गया है, जिसके कारण ऐसे रैयत चिंता में हैं। वहीं कुछ वर्तमान रैयतों के नाम की जगह पर पूर्व रैयत का ही नाम गजट में दिखाया गया है। जिससे ऐसे लोग चिंता में है कि आखिर सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन करने वाली संस्था ने ऐसा कैसे कर दिया जिसके कारण काफी लोग परेशान हैं। हालांकि प्रकाशित गजट के साथ स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी भी हितबद्ध रैयतों को कोई परेशानी हो रही है तो 60 दिनों के अंदर अपना पक्ष(आपत्ति) जिला भूअर्जन कार्यालय में आकर रख/दे सकते हैं।
बिहार राज्य पुल निर्माण निगम बनाएगा पुल
बताते चलें कि बागेश्वरी गुमटी के पास आरओबी-सह-पहुंच पथ का निर्माण कार्य बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के द्वारा कराया जा रहा है। इस कार्य के लिए निगम ने एक निर्माण कंपनी को इसके लिए ठेका दिया है। जिसका बेस कैंप बन रहा है। बेस कैंप के लिए नगर अंचल के सीओ ने सरकारी जमीन उपलब्ध करा दिया है।
और अंत में
इस परियोजना के लिए अधिग्रहित की जाने वाली भूमि के बदले प्रभावित रैयतों को मुआवजे की राशि सरकार की ओर दी जाएगी। अधिग्रहण के दायरे में आ रही भूमि के बदले किस दर से हितबद्ध रैयतों को मुआवजा राशि मिलना चाहिए, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है, अगली खबर का तब तक इंतजार करना होगा।
