देवब्रत मंडल

गया रेल थाना का बहुचर्चित सोना लूटकांड के तीन महीने पूरे हो गए हैं। इस कांड में आरोपी बनाए गए गया रेल थाना के सिपाही रहे सभी चारों आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई है। वहीं इस कांड में अप्राथमिकी अभियुक्त बनाए गए मोहित अग्रवाल उर्फ गोलू जेल में है। जिसकी जमानत याचिका पर सुनवाई एक बार फिर 21 फरवरी को गया व्यवहार न्यायालय में होगी। इस कांड में गया रेल थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह को भी आरोपी बनाया गया है। जो फिलहाल जमानत पर जेल से छूट कर बाहर आ गए हैं।
लोक अभियोजक ने जमानत याचिका का किया विरोध
गया व्यवहार न्यायालय के लोक अभियोजक सिंधु भूषण ओझा ने बताया कि गया रेल थाना कांड संख्या कि 334/25 सोना लूटकांड से जुड़ा है। इस कांड में आरोपी बनाए गए गया रेल थाना के चार सिपाहियों ने प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मदन किशोर कौशिक के न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। श्री ओझा ने बताया कि न्यायाधीश श्री कौशिक के न्यायालय में बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने चारों आरोपी सिपाहियों की अग्रिम जमानत याचिका मंजूर करते हुए जमानत देने की अपील की। श्री ओझा ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि इस कांड में चारों सिपाही रक्षक ही भक्षक हैं। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने याचिका खारिज कर दी।
पूर्व रेल थानाध्यक्ष को इसी अदालत से मिल चुकी है जमानत
बता दें इस कांड में गया रेल थाना के तत्कालीन अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह को इसी अदालत से इसी वर्ष जनवरी माह में जमानत मिल चुकी है। श्री सिंह को 31 दिसंबर 2025 को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था। इसके बाद पटना रेल पुलिस मुख्यालय के डीएसपी भास्कर रंजन ने इस कांड में गया के स्वर्ण व्यवसायी मोहित अग्रवाल उर्फ गोलू को गिरफ्तार किया था। जिसके घर से लूटे गए सोने के कुछ भाग बरामद हुआ था।
एसआईटी के समक्ष मोहित ने किया था खुलासा, 21 को होगी सुनवाई
जिसने एसआईटी टीम के समक्ष पूछताछ में स्वीकार किया था उसने लूट का सोना खरीदा था। जो आज भी केंद्रीय कारा, गया में बंद है। मोहित अग्रवाल की तरफ से अधिवक्ता ने जमानत याचिका दाखिल कर जमानत देने की अपील की है लेकिन अबतक जमानत नहीं मिली है। इस मामले की सुनवाई 21 फरवरी को एक बार फिर होगी। मोहित अग्रवाल उर्फ गोलू का गया जी के सराफा मंडी में गोल्ड हाउस नाम की अपनी दुकान है जो गया बुलियन एसोसिएशन का कोषाध्यक्ष के पद पर भी रहा है। इसे गिरफ्तार करने के लिए पूर्व में भी एसआईटी ने इसकी दुकान पर छापेमारी के लिए गई थी लेकिन यह भागने में सफल रहा। जिसे बाद में लूटे गए सोने के कुछ अंश के साथ गिरफ्तार कर लिया गया था।
घटना 21 नवंबर को हावड़ा-जोधपुर एक्सप्रेस में हुई थी
यह घटना 21 नवंबर 2025 को हावड़ा-जोधपुर एक्सप्रेस में धनञ्जय शास्वत नामक एक कूरियर के साथ हुई थी। आरोप है कि गया रेल थाना के चार सिपाही करण कुमार, अभिषेक चतुर्वेदी, रंजय कुमार व आनंद मोहन अपने कार्य क्षेत्र से बाहर कोडरमा स्टेशन गए थे। साथ में दो सिविलियन भी थे। ये सभी कोडरमा स्टेशन पर जोधपुर एक्सप्रेस से सोना लेकर आ रहे धनञ्जय शास्वत के साथ मारपीट कर इसके पास रहे करीब एक किलोग्राम सोना लूट लिया था।
थानाध्यक्ष, आईओ व सभी आरोपी सिपाहियों को किया गया निलंबित
घटना गया जंक्शन से करीब 5 किमी पहले मानपुर स्टेशन के आसपास हुई बताई गई है। इस मामले में तत्कालीन गया रेल थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह और चारों सिपाहियों एवं इस कांड के पूर्व अनुसंधान कर्ता को निलंबित किया जा चुका है। लूटे गए सोने की कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपए के आसपास आंकी गई है। इस घटना की प्राथमिकी घटना के एक सप्ताह बाद तत्कालीन रेल एसपी के निर्देश पर दर्ज की गई थी।
दो लोगों के अलावा किसी और आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई
मामला जब हाई प्रोफाइल हुआ तो इस कांड की जांच के लिए एसआईटी टीम गठित कर दी गई। कांड का अनुसंधान अब पटना रेल पुलिस मुख्यालय के डीएसपी भास्कर रंजन कर रहे हैं। इसके बाद डिजिटल एविडेंस एवं कुछ लोगों से हुई पूछताछ एवं मिले साक्ष्यों के आधार पर तकनीकी टीम ने कार्य करना प्रारंभ कर दिया है। अबतक इस मामले में केवल दो लोग पकड़े गए हैं लेकिन बाकी सारे छः आरोपी गिरफ्तारी के डर से भागे फिर रहे हैं। जिन्हें गिरफ्तार करने के लिए एसआईटी की टीम लगातार दबिश दे रही है।
