केंद्रीय कैबिनेट कमेटी का निर्णय: गति शक्ति योजना के तहत मल्टी ट्रैकिंग प्रोजेक्ट को मिली मंजूरी, जानें क्या क्या होंगे?

Deepak Kumar
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वरीय संवाददाता देवब्रत मंडल

भारतीय रेल के अंतर्गत सोननगर-अंडाल खंड काफी लंबा है। जो बिहार में सोननगर स्टेशन (चिरइलापौथु) से शुरू होकर झारखंड होते हुए पश्चिम बंगाल राज्य के अंडाल स्टेशन पर समाप्त होता है। यह लुधियाना -सोननगर रेलखंड का विस्तार है। जिसका संचालन ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर(ओसीसी) प्रयागराज(यूपी) से नियंत्रित किया जाएगा।

इस परियोजना में कुल छः स्टेशन हैं

इस परियोजना में न्यू काष्ठा, न्यू कोडरमा, न्यू गोमो, न्यू प्रधानखुंटा, न्यू मुगमा और न्यू अंडाल में कुल छः जंक्शन स्टेशन हैं। जहां यह लाइन भारतीय रेलवे के पारंपरिक ट्रैक से जुड़ता है और न्यू रफीगंज, न्यू पहाड़पुर, न्यू हीरोडीह और न्यू केशवारी में चार क्रॉसिंग स्टेशन और न्यू कालीपहाड़ी स्टेशन पर एक केबिन है। पूर्व मध्य रेल के प्रवक्ता बीरेंद्र कुमार ने बताया कि बुधवार को पूर्व मध्य रेल के महाप्रबंधक अनुपम शर्मा की अध्यक्षता में डीडीयू मंडल के मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय के सभाकक्ष में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। जिसमें कैबिनेट कमेटी द्वारा मल्टी ट्रैकिंग प्रोजेक्ट के तहत भारतीय रेल के सोननगर -अंडाल रेलखंड परियोजना को आज मिली मंजूरी व इस परियोजना से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर प्रकाश डाला गया। प्रेस वार्ता के दौरान डीडीयू मंडल के मंडल रेल प्रबंधक राजेश गुप्ता व संबंधित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

यह है संरेखण (Alignment)

यह संरेखण (Alignment) बिहार के औरंगाबाद और गया जिले (133 किलोमीटर), झारखंड के कोडरमा, हज़ारीबाग, गिरिडीह और धनबाद जिले (202 किलोमीटर) और पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्धमान जिले (20 किलोमीटर) से होकर गुजरता है।

एक भी समपार फाटक(रेलवे गुमटी) नहीं होंगे

इस रेल खंड पर कुल 70 समपार फाटक हैं जिन्हें आरओबी या आरयूबी द्वारा समाप्त करने की योजना है। इस खंड में गया के पास फल्गु नदी और बराकर के पास बराकर नदी को पार करने वाले दो महत्वपूर्ण पुल हैं। 56 प्रमुख पुल और पांच सुरंगें हैं। जिनकी लंबाई लगभग 2.64 किमी है। इस खंड में रेलवे भूमि सहित लगभग 97% भूमि अधिग्रहण पूरा हो चुका है।

परियोजना की लागत लगभग रु. 13606/- करोड़

इस परियोजना की लागत लगभग रु. 13606/- करोड़. जिसमें भूमि की लागत भी शामिल है। इस परियोजना के तहत चार रेल ट्रैक होंगे। हाई स्पीड ट्रेन चलाने की यह महत्वपूर्ण योजना के क्रियान्वित हो जाने के बाद झारखंड की ओर से कोयला और स्टील उत्पाद की सामग्रियों की ढुलाई के साथ साथ यात्रियों को भी कम समय में एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंचने में सुगम हो जाएगा।

पूर्व मध्य रेल से संबंधित 03 परियोजनाएं हैं:

  1. गोरखपुर कैंट-वाल्मिकीनगर दोहरीकरण
    लंबाई: 106.96 किमी
    लागत: 1269.82 करोड़ रूपए
    मंडल: समस्तीपुर
  2. चोपन-चुनार दोहरीकरण:
  3. लंबाई: 112.74 किमी
  4. लागत: 1553.28 करोड़ रूपए
  5. मंडल: धनबाद

सोननगर-अंडाल मल्टी ट्रैकिंग प्रोजेक्ट:

लंबाई: 814.38 किमी
लागत: 13,605.98 करोड़ रूपए
मंडल: पंडित दीन दयाल उपाध्याय, धनबाद

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