देवब्रत मंडल

बिहार राज्य कुष्ठ कल्याण समिति के प्रदेश अध्यक्ष-सह-गया नगर निगम के पूर्व पार्षद सोमवार को समाज कल्याण विभाग के उपनिदेशक से मिले। जिनसे मिलकर उन्होंने कुष्ठ रोगियों की कई समस्याओं अवगत कराया।
- कुष्ठ पीड़ित रोगियों के हाथ व पैरों की उंगलियां जख्म के कारण खराब हो जाती हैं। जिसके कारण इन लोगों के आधार कार्ड नहीं बन पाते हैं। जिसके कारण ये लोग सरकारी योजनाओं से वंचित रह जाते हैं।
- जिन कुष्ठ रोगियों का पहले से राशन कार्ड एवं पेंशन या अन्य जिन योजनाओं का लाभ वो उठा रहे हैं बाद में जख्म के कारण उनके हाथ एवं पैरों की उंगलियां खराब हो जाती है। जिस कारण उन लोगों की उंगलियों के निशान न लग पाने के कारण योजनाओं के लाभ की आई हुई राशि का वे लोग निकाल नहीं पाते और उंगलियों के निशान न आने के कारण राशन कार्ड से राशन भी नहीं ले पाते हैं। ये लोग पैसों के आभाव में अपना इलाज सही से नहीं करा पाने के कारण अपनी जान भी गवां देते हैं।
- सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए मोबाईल अनिवार्य कर दिया गया है, लेकिन कुष्ठ पीड़ित रोगियों के लिए मोबाईल की अनिवार्यता को समाप्त किया जाये क्योंकि गरीब कुष्ठ रोगी मोबाईल नहीं खरीद सकते।
- कुष्ठ पीडित्त मरीजों के लिए आवास का प्रबंधन किया जाये। क्योंकि ये समाज एवं परिकर से तिरस्कृत एवं बहिष्कृत हैं। ये लोग जहाँ तहां झोपडी बना कर रहने के लिए विवश होते हैं।
- सम्मानजनक जिंदगी जीने के लिए पूरे माह में पाच हजार रुपये पेंशन की जाये।
- प्रत्येक कुष्ठ रोगी, दिव्यांग एवं विधवा को पैतीस किलो अनाज दिया जाये।
