देवब्रत मंडल

पूर्व मध्य रेल के दानापुर-डीडीयू मंडल के बीच गया जंक्शन और पटना जंक्शन के मध्य चलने वाली ट्रेनों में अब अवैध वेंडर नहीं चलेंगे, क्योंकि रेल प्रशासन ने इस रेलखंड पर चलने वाली ट्रेनों में खाद्य एवं अन्य सामग्रियों की बिक्री करने के लिए 50 लोगों को लाइसेंस जारी कर दिया है।
संवेदक को दानापुर मंडल द्वारा जारी किया गया अधिकार पत्र
दानापुर रेल मंडल के वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक ने साहू इंटरप्राइजेज को इस कार्य के लिए अधिकृत कर दिया है। इस इंटरप्राइजेज को लाइसेंस प्रदान कर दिए जाने के बाद इस रूट पर चलने वाली ट्रेनों में लाइसेंसी वेंडर चलेंगे। केवल राजधानी, दुरंतो, वंदे भारत जैसीविशेष ट्रेनों में वेंडर अपना सामान नहीं बेच सकते हैं।
निविदा के शर्तों के अनुसार लाइसेंस फी जमा करा दिया गया
साहू इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर सोनू साहू ने बताया कि दानापुर रेल मंडल द्वारा गया-पटना रेलखंड की ट्रेनों में वेंडरों द्वारा सामान बिक्री करने के लिए उनके फर्म को अधिकृत किया है। इसके लिए बजाप्ता उन्होंने निर्धारित लाइसेंस फी जमा कर दिया गया है। समय समय पर जैसा निर्देश प्राप्त होगा, उसका अनुपालन किया जाएगा।
वेंडरों को वर्दी और बैज किया गया प्रदान
सोमवार को इन लाइसेंसी वेंडरों को वर्दी और बैज प्रदान किया गया है। गया में इस फर्म के स्थानीय अधिकृत मैनेजर राजेश कुमार एवं गुड्डू सिंह ने बताया कि गया-पटना रेलखंड पर चलने वाली जनशताब्दी एक्सप्रेस, सुपरफास्ट एक्सप्रेस एवं मेमू पैसेंजर ट्रेनों में इस फर्म के वेंडरों को आई कार्ड और वर्दी प्रदान कर दिया गया है। जो ट्रेनों में रेलवे द्वारा तय किए सामग्रियों की बिक्री किया करेंगे।
सभी पोस्ट प्रभारियों को सौंपे गए अधिकार पत्र
सोनू साहू ने बताया कि गया, जहानाबाद और पटना जंक्शन के आरपीएफ पोस्ट प्रभारियों एवं थानाध्यक्ष को रेलवे द्वारा जारी किए अधिकार पत्र सौंप दिया गया है। उन्होंने कहा कि लाइसेंसी वेंडरों के साथ या इनके द्वारा कुछ भी गलत होता है या किया जाता है तो इसको लेकर शर्तों के अनुसार वे सभी दंड के भागी होंगे जो गलत करते पाए जाएंगे।
इसके पहले गया-धनबाद रेलखंड के लिए जारी किया गया है लाइसेंस
बता दें कि इसके पहले धनबाद रेल मंडल द्वारा धनबाद-गया स्टेशन के बीच चलने वाली ट्रेनों में एस. एस. इंटरप्राइजेज नामक फर्म को वेंडिंग का लाइसेंस प्रदान किया जा चुका है।
ऐसे में अब गैर लाइसेंसी वेंडरों के विरुद्ध कार्यवाही की जिम्मेदारी संबंधित क्षेत्रों के वाणिज्यिक पदाधिकारी यथा सीआईटी, सीएसजी एवं आरपीएफ पोस्ट प्रभारियों की बनती है कि रेल के राजस्व वृद्धि में सहयोग करें।
