देवब्रत मंडल

अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी गया रेल न्यायालय सुशांत सागर ने सोना लूटकांड के आरोपी गया रेल थाना के पूर्व थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी है सोमवार को न्यायालय में जमानत याचिका पर करीब आधे घंटे बहस सुनने के बाद उन्होंने अपना फैसला सुनाया।
बचाव पक्ष की ओर से जमानत की अपील, सरकारी पीपी ने किया विरोध
न्यायालय में बचाव पक्ष की ओर से गया व्यवहार न्यायालय के वरीय अधिवक्ता नीरज कुमार ने बहस किया। जबकि जमानत देने का विरोध विशेष लोक अभियोजक विजय कुमार ने किया। लोक अभियोजक विजय कुमार ने बताया कि गया रेल थाना कांड संख्या 334/25 के आरोपी राजेश कुमार सिंह की तरफ वरीय अधिवक्ता नीरज कुमार द्वारा जमानत याचिका बहस की गई थी। जिन्होंने न्यायालय से जमानत देने की अपील की। लोक अभियोजक ने जिसका विरोध किया।
करीब आधे घंटे दलीलें सुनने के बाद फैसला सुनाया
बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने बताया कि करीब आधे घंटे तक जमानत याचिका पर बहस चली। याचिका पर हुई बहस के बाद अपर मुख्य न्याययिक दंडाधिकारी ने जमानत याचिका खारिज कर दी। बता दें कि इस वक्त इस कांड के आरोपी निलंबित गया रेल थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह 31 दिसंबर 2025 से न्यायिक हिरासत में गया केंद्रीय जेल में हैं।
रेल थानाध्यक्ष सहित छः पुलिसकर्मियों को किया गया है निलंबित
मामला एक यात्री धनञ्जय शाश्वत से एक किलोग्राम सोना की लूट से जुड़ा है। इस मामले में गया रेल थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह, कांड के आईओ वीरेंद्र प्रसाद सहित आरोपी बनाए गए गया रेल थाना के चार सिपाहियों को निलंबित किया जा चुका। जबकि दो और सिविलियन हैं।
पिछले दिनों पटना रेल एसएसपी डॉ इनामुल हक़ ने बताया था कि दिनांक 21.11.2025 को गाड़ी संख्या-22307 हावड़ा-जोधपुर (बीकानेर) सुपरफास्ट एक्सप्रेस में घटित घटना में वादी रेल थानाध्यक्ष, गया पुनि. राजेश कुमार सिंह के आवेदन के आधार पर दिनांक 29.11.2025 को रेल थाना गया कांड सं- 334/25 दिनांक-29.11.2025 धारा 309(4) बी०एन०एस० के अन्तर्गत कुरियर कर्मी धनन्जय शाश्वत एवं राजकीय रेल पुलिस (GRP) के चार अज्ञात पुलिसकर्मी के विरुद्ध दर्ज किया गया है।
जानें क्या क्या लगाया गया है आरोप
जिसमें दिनांक 21.11.2025 के रात्रि में गाड़ी संख्या-22307 हावड़ा-जोधपुर (बीकानेर) सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन से व्यवसायी मनोज सोनी के कुरियर कर्मी धनन्जय शाश्वत से राजकीय रेल पुलिस (GRP) के चार अज्ञात पुलिसकर्मी द्वारा मारपीट कर कोडरमा-गया के बीच रास्ते में ट्रेन से उतार कर सोना छिन लेने का आरोप है। जिसे रेल एसएसपी ने मामले को कथित अपराधिक कदाचार, जबरन वसूली और सोने के कंसाइनमेंट के गबन से संबंधित बताया है।
कांड के सुपरविजन में जुड़ गए कई और धाराएं
उन्होंने बताया था कि कांड के अनुसंधान अन्तर्गत वरीय रेल पुलिस उपाधीक्षक, गया द्वारा एक विस्तृत जांच प्रतिवेदन समर्पित किया गया। जिसमें संदिग्ध पुलिसकर्मी का सीडीआर और टावर लोकेशन एवं अन्य तकनीकी सहयोग के द्वारा यह तथ्य सामने आया है कि 01 राजेश कुमार सिंह, रेल थानाध्यक्ष, गया (कांड के वादी), 02. सि०/434 करण कुमार, 03. सि०/75 अभिषेक चतुर्वेदी, 04. सि०/37 रंजय कुमार एवं 05. सि0/634 आनन्द मोहन, 06. परवेज आलम, 07. रेल थाना का पूर्व चालक सीताराम की संलिप्ता पाई गई है। इसके बाद कांड संख्या-334/25 दिनांक-29.11.2025 के पर्यवेक्षण में परिवर्तित धारा 309/308/351/61/281/197/107/3(5) बी०एन०एस० एवं 7/13(2) Prevention of Corruption Act 1988 संशोधित अधिनियम 2018 के अन्तर्गत सत्य पाया गया है। अनुसंधान के लिए SIT टीम का गठन किया गया है।अनुसंधान जारी है। सिपाहियों सहित दो सिविलियन अबतक फरार है, सोना बरामदगी की खबर नहीं है
