देवब्रत मंडल

मंगलवार की शाम गया रेल थाना में प्रेस कांफ्रेंस में पटना रेल मुख्यालय के डीएसपी भास्कर रंजन ने गया में 21 नवंबर 2025 को हुए सोना लूटकांड मामले में एक बड़ा खुलासा किया। डीएसपी श्री रंजन ने बताया कि गया रेल थाना के अंतर्गत मानपुर जंक्शन के समीप अज्ञात अपराधियों द्वारा गोल्ड कुरियर धनंजय शास्वत पिता-स्व. बनवारी लाल शास्वत, सा.-बाना-करचा, जिला-पूर्णिया से सोना लूट की गंभीर घटना हुई थी। घटना की सूचना प्राप्त होते ही पटना रेल के तत्कालीन एसपी के निर्देश पर रेल थाना गया के तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह द्वारा 29.11.2025 को संबंधित कांड में प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान प्रारंभ किया गया।
अनुसंधान में आई कई चौकाने वाले तथ्य सामने

डीएसपी श्री रंजन ने बताया कि अनुसंधान के क्रम में यह तथ्य प्रकाश में आया कि उक्त कांड में तत्कालीन थानाध्यक्ष के साथ-साथ चार सिपाही एवं दो अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता पाई गई है। इसके पश्चात दिनांक-30.12.2025 को रेल पुलिस अधीक्षक, पटना के निर्देश पर उनके (रेल पुलिस उपाधीक्षक,मुख्यालय) के नेतृत्व में विशेष अनुसंधान दल (SIT) का गठन किया गया। रेल पुलिस अधीक्षक, पटना द्वारा तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह एवं चार फरार सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। आगे बताया कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर 24 घंटे के अंदर दिनांक 31.12.2025 को तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में गया सेंट्रल जेल भेज दिया गया।

सोना परवेज के आरओ प्लांट पर ही काटा गया था
उन्होंने बताया एसआईटी टीम द्वारा अग्रतर अनुसंधान में यह तथ्य सामने आया कि लूटे गए सोने को विनोद कुमार द्वारा 1500/-रू में चाकंद थाना अंतर्गत स्थित परवेज आलम के ASM RO Plant में काटा गया था। जिसके लिए विनोद बरनवाल को ले जाया गया था।

अनुसंधान में मोहित अग्रवाल उर्फ गोलू का नाम आया सामने
अनुसंधान के दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति मोहित अग्रवाल उर्फ गोलू जो गया स्थित “गोल्ड हाउस” नामक स्वर्णाभूषण दुकान का संचालक है(गया बुलियन एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष) का नाम प्रकाश में आया। उन्होंने बताया कि अनुसंधान के दौरान मोहित अग्रवाल, परवेज आलम एवं तत्कालीन रेल थानाध्यक्ष के तकनीकी अनुसंधान से साक्ष्य प्राप्त हुए। संदिग्ध पाए जाने पर उनसे पूछताछ की गई।

निलंबित थानाध्यक्ष ने ही कॉल कर अपने सरकारी आवास पर बुलाया था
डीएसपी भास्कर रंजन ने अहम जानकारी दी कि पूछताछ के क्रम में मोहित अग्रवाल द्वारा यह स्वीकार किया गया कि तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह द्वारा उसे मोबाइल फोन पर कॉल कर अपने आवास पर बुलाया गया था। जब वह तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह के आवास पर पहुंचा तो यहीं परवेज आलम पहले से ही थानाध्यक्ष के आवास पर मौजूद था।
निलंबित थानाध्यक्ष ने हिस्से में मिले सोना को ₹11.28 लाख में बेच दिया
डीएसपी ने बताया कि इस मामले में हुई पूछताछ में यह बात मोहित ने स्वीकार कर लिया है कि तत्कालीन थानाध्यक्ष द्वारा 98 ग्राम सोना उसे विक्रय किया गया। जिसके बाजार मूल्य की जानकारी लेने के पश्चात निर्धारित दर पर उसके द्वारा ₹ 11,28,000/- (ग्यारह लाख अठाईस हजार रू) का भुगतान किया गया। मोहित के इस बयान से साफ हो रहा है कि लूट का सोना जो काटा गया था, उसमें से 98 ग्राम सोना इंस्पेक्टर राजेश कुमार सिंह को हिस्से में मिला था।
मोहित अग्रवाल के घर से मिला 41.75 ग्राम लूट का सोना
उन्होंने बताया कि अनुसंधान के क्रम में मोहित अग्रवाल (स्वर्णकार) के स्वीकारोक्ति बयान के आधार पर एसआईटी टीम के द्वारा छापामारी की गई। छापामारी के दौरान गोल्ड हाउस के ज्वेलरी दुकानदार मोहित अग्रवाल के घर के कमरा में रखा आलमीरा से 41.75 ग्राम सोना बरामद किया गया। शेष सोने के संबंध में उनके द्वारा बताया गया कि उससे आभूषण तैयार कर ग्राहकों को विक्रय कर दिया गया। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मोहित अग्रवाल को इस कांड में अप्राथमिकी अभियुक्त पाते हुए गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है।
अप्राथमिक अभियुक्त मोहित गया सराफा बाजार का है रहने वाला
डीएसपी श्री रंजन ने बताया कि कांड में संलिप्त अन्य व्यक्तियों की गिरफ्तारी एवं शेष सोने की बरामदगी हेतु एसआईटी टीम के द्वारा विभिन्न जगहों पर छापामारी की जा रही है। उन्होंने बताया अप्राथमिकी अभियुक्त का नाम/पता- मोहित अग्रवाल उर्फ गोलू (गोल्ड हाउस नामक स्वर्णाभूषण दुकान का संचालक) पे०-रामजी अग्रवाल, सा०-टावर चौक सराफा, थाना कोतवाली, जिला-गयाजी है।
फरार आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिए जाने का दावा
रेल मुख्यालय डीएसपी भास्कर रंजन ने यह भी कहा कि इस कांड में फरार चल रहे रेल थाना के चार सिपाही तथा परवेज आलम और गया रेल थाना के पूर्व वाहन चालक सीताराम को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इन सभी के गिरफ्तारी के लिए न्यायालय से वारंट जारी कर दिया गया है।
घटना हावड़ा-जोधपुर एक्सप्रेस में हुई थी
बताते चलें कि यह घटना 21 नवंबर 2025 हावड़ा-जोधपुर एक्सप्रेस में को हुई थी। इस ट्रेन के साधारण कोच में मनोज सोनी नामक स्वर्ण व्यवसायी का कूरियर धनञ्जय शाश्वत सोना लेकर जयपुर के लिए चला था। इस बीच गया रेल थाना का चार सिपाही बगैर उच्चाधिकारियों के अनुमति के क्षेत्राधिकार से बाहर कोडरमा चले गए थे। साथ में परवेज आलम और सीताराम भी था। घटना गया रेल थाना क्षेत्र में मानपुर जंक्शन के आसपास हुई थी।
