देवब्रत मंडल

गया जी शहर में विश्वकर्मा पूजा की धूम रही। कल यानि कि 18 सितंबर को अखबार नहीं आएगा आप सभी के सामने। आपको अखबार में खबरों के लिए इंतजार करना पड़ेगा क्योंकि 19 सितंबर को खबरें अखबार में आएगी। ऐसे में चिंता नहीं करने की जरूरत नहीं। मगध लाइव न्यूज़ के डेस्क ने इसके लिए प्रयास किया है कि कल का इंतजार क्यों?
ये साहेब खुद को अधिकारी समझ रहे हैं
रेलवे के संकेत विभाग में विश्वकर्मा पूजा धूम धाम से मनाया गया। सबसे बड़ी बात रही कि यहां ऑल इंडिया रेलवे फेडरेशन के महासचिव शिव गोपाल मिश्र आए और रेलकर्मियों को मंगलकामना का “आशीर्वाद” दिया।

सक्सेशन बोर्ड यहां चर्चा में रहा

सिग्नल एवं टेलीकॉम(एस एंड टी) के कार्यालय में लगे इस सकशेन बोर्ड(उत्तराधिकार) पर नजर पड़ी। यहां के पदाधिकारी(एसएसई) संजय कुमार हैं लेकिन वे ट्रेनिंग में गए हुए हैं और यहां हुआ क्या कि शशि कुमार बगैर किसी अधिसूचना के इस बोर्ड पर अपना नाम अंकित करवा लिए। जो चर्चा का विषय बना हुआ है। जबकि नियमानुसार ऐसा करना गलत है। जैसा कि नियम कानून है।
साहेब ढाई घंटे रहे थे लेकिन अतिक्रमण नहीं हटा

सिग्नल एंड टेलिकॉम विभाग, गया के इस कार्यालय में आरपीएफ के स्थानीय अधिकारी पूजा में करीब दो से ढाई घंटे तक पूजा में उपस्थित रहे थे, पूरा अमला इनके साथ था। कार्यालय के सामने अवैध तरीके से फल एवं सब्जियों की कई दुकानें लगी रही लेकिन साहेब नहीं हटवा सके। या कहें कि संरक्षण के कारण नहीं हट सका।यहां के कर्मचारियों ने बताया ये साहेब चाहते तो दुकानों को हटवा सकते थे लेकिन नहीं हटा। यही पर एक केबिन है जो बंद कर दिया गया है। स्थानीय लोगों ने बताया यहां असामाजिक तत्वों का डेरा लगा रहता है। जबकि डीआरएम के आगमन पर ये दुकानें हट जाती हैं। यहां के दुकानदारों ने बताया कि 150 रुपये प्रति दुकान राजकुमार नामक एक व्यक्ति(ठीकेदार) का आदमी लेता है जिसे किसी मामले में एक दो दिन पहले ही जेल भेज दिया गया है।

ऑटो रिक्शा चालक से आर्थिक दोहन की शिकायत
गया जंक्शन के सर्कुलेटिंग एरिया में एक ऑटो रिक्शा चालक को ₹ 75/- का रसीद थमा दिया गया। जबकि चालक का कहना था कि उसने यात्री को ड्राप करने के लिए केवल आगे बढ़ा था और प्रशासन की मौजूदगी में उसे रसीद थमा दिया गया।
वैध वेंडरों को अवैध वेंडर देते हैं धमकी
गया-धनबाद रेलखंड पर चलने वाली ट्रेनों में एस एस इंटरप्राइजेज नामक एक एजेंसी को लाइसेंस जारी किया गया है लेकिन इस रेलखंड के पहाड़पुर स्टेशन सहित अन्य स्टेशनों पर अवैध ठीकेदार द्वारा लाईसेंसी वेंडरों को तरह तरह की धमकियां मिल रही है। इसका ऑडियो सुरक्षित है। जिसे संबंधित पदाधिकारी सुन ही चुके हैं।
गया जंक्शन पर अवैध वेंडरों को सरंक्षण मिल रहा
गया जंक्शन पर आने जाने वाली ट्रेनों में अवैध वेंडरों द्वारा पानी से लेकर खाद सामग्री बेची जा रही है लेकिन जिन्हें इस अवैध सामग्री बेचने वालों को रोकने की जिम्मेदारी है वे खुलेआम इसे संरक्षण देते नजर आ रहे हैं।
…और अंत में

बहरहाल, ये गया जंक्शन है। यहां वैध क्या है और अवैध क्या है, इसे यहां के स्टेशन मैनेजर, वाणिज्य विभाग के पर्यवेक्षक, आरपीएफ के सहायक कमांडेंट, पोस्ट प्रभारी आदि सभी जानते हैं लेकिन…. न जाने क्यों?
