60 दिनों के अंदर प्रभावित व्यक्ति दे सकते हैं अपनी आपत्ति, 208 प्लॉट्स अधिग्रहण के दायरे में, 10 परिवार हो रहे हैं विस्थापित
देवब्रत मंडल

गया जी शहर के उत्तरी भाग में गया-मानपुर स्टेशन के बीच बागेश्वरी रेलवे गुमटी(एलसी 17/A) के पास बनने वाले फ्लाई ओवर ब्रिज सह अप्रोच रोड(पहुंच पथ) के लिए भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता को देखते हुए इसके लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है। अधिनियम 30/3013 की धारा 11(1) के तहत गजट का प्रकाशन करते हुए हितबद्ध लोगों से अपील की गई है कि इस आशय की घोषणा के साथ अगले 60 दिनों के भीतर गया जिला भूअर्जन कार्यालय में अपनी अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। इस जारी अधिसूचना में इस बात की जानकारी दी गई है कि सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन करने वाले सामाजिक संस्थान ने यह रिपोर्ट सौंपते हुए बताया है कि इसमें 10 परिवार विस्थापित हो रहे हैं और कुल 2.0431 एकड़ भूमि अधिग्रहण के दायरे में आ रही है। विस्थापित होने वाले परिवार को पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना कानून 2013 के तहत इसका लाभ दिया जाएगा। सार्वजनिक किए गए अधिसूचना के अनुसार कुल 2.0431एकड़ भूमि अधिग्रहण कानून के तहत अर्जित किया जा रहा है। जिसमें गया नगर निगम, अनावाद सर्वसाधारण, अनावाद बिहार सरकार, निजी, सरकारी, ख़ातियानी व रैयती जमीन है। ऐसे प्लॉट की कुल संख्या 228 है। भूमि की प्रकृति कमर्शियल मानी गई है। इस फ्लाई ओवर ब्रिज सह पहुंच पथ के निर्माण को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी प्रगति यात्रा में इसकी घोषणा करते हुए इसका शिलान्यास भी कर चुके हैं। उम्मीद की जा रही है कि अगले महीने मार्च में मुख्यमंत्री समृद्धि यात्रा के क्रम में गया आ सकते हैं। यह पुल का निर्माण बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के द्वारा कराया जा रहा है। जिसके लिए अधिकृत की गई निर्माण कंपनी को जिला प्रशासन ने बेस कैंप कार्यालय के लिए भूमि भी उपलब्ध करा दिया है। यहां निर्माण कंपनी के द्वारा दिन रात कार्य किया जा रहा है। पुल निर्माण कार्य करने आई कंपनी के लोगों का कहना है कि यदि उन्हें सबकुछ सामान्य रूप से भूमि उपलब्ध करा दी जाए तो दो साल के अंदर अपना लक्ष्य पूरा कर लेंगे। बताते चलें कि गया जी को जाम की समस्याओं से मुक्ति दिलाने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गया जी में बागेश्वरी गुमटी के पास फ्लाई ओवर ब्रिज के साथ साथ शहर में दो स्थानों पर फ्लाई ओवर ब्रिज के निर्माण के लिए आधारशिला रख चुके हैं और साथ ही योजना की राशि भी संबंधित वविभागों को उपलब्ध करा चुके हैं ताकि परियोजनाओं को समय से पूरा करा लिया जाए।
