देवब्रत मंडल

गया जी शहर के सिकड़िया मोड़ पर से फुटपाथी दुकानदारों को हटा दिए जाने के बाद उनके समक्ष रोजी रोटी की समस्या उत्पन्न हो गई थी। इसके बाद यहां के फुटपाथी दुकानदारों ने स्ट्रीट वेंडर एसोसिएशन के समक्ष रखा। एसोसिएशन ने पहल की। इसके बाद मंगलवार से पुनः यहां के फुटपाथ पर दुकानें लगाई गई।
इस बात की जानकारी देते हुए स्ट्रीट वेंडर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अमरनाथ गिरि ने बताया कि जिस जगह पर दुकानें बंद करा दी गई थी, उन दुकानों के संचालक ने जब यह समस्या रखी तो मंगलवार को एसोसिएशन के लोग सिकड़िया मोड़ पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि हटाए गए सभी दुकानदारों को भारत सरकार के गाइडलाइंस के अनुसार लाइसेंस जारी किया गया है। जो टाउन वेंडिंग कमिटी के नियमानुसार ये सभी अपनी अपनी दुकानों का संचालन करते हैं। निगम प्रशासन को या अतिक्रमण के नाम पर इन दुकानदारों को हटाने गए कई पदाधिकारी को स्ट्रीट(टाउन) वेंडिंग कमिटी के नियमों की जानकारी नहीं है और इन्हें हटाने की कार्रवाई की गई जो गलत है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को सारे नियमों से नगर निगम के सिटी मैनेजर तथा सम्बंधित पदाधिकारियों को अवगत कराया गया। इसके पश्चात हटाए गए स्ट्रीट वेंडरों को फिर से बसा दिया गया है। ताकि रोजी रोटी पर और इनके व्यवसाय पर कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़े। इस मौके पर एसोसिएशन के जिला सचिव कृष्णदेव पांडेय, सिकड़िया मोड़ फुटपाथ दुकानदार संघ के अध्यक्ष व सभी सदस्य मौजूद थे। इधर एक चर्चा है कि स्टेशन रोड स्थित कुछ फुटपाथी दुकानदारों ने अपनी दुकानें रेल क्षेत्र में लगा दी थी। जिसकी किसी ने इसकी सूचना विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार तक पहुंचा दी। इसके बाद आनन फानन में कोतवाली थाना, ट्रैफिक पुलिस तथा आरपीएफ के पदाधिकारियों तक दुकानों को हटवाने का आदेश पहुंचा तो दुकानें हटवा दी गई।
