देवब्रत मंडल

गया जंक्शन पर गश्त कर रही आरपीएफ एवं जीआरपी की संयुक्त टीम ने आपरेशन विलेप के तहत कार्रवाई करते हुए एक दुर्लभ प्रजाति के सांप को तस्करी के लिए ले जा रहे दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। सांप की बरामदगी के बाद वन विभाग की टीम को इसकी सूचना दी गई। इसके बाद आगे की कार्रवाही की गई।
गिरफ्तार तस्करों का विवरण
- उपेन्द्र कुमार, उम्र-28 वर्ष, पिता-राजेन्द्र ठाकुर, निवासी-वार्ड नं0-06, ग्राम-सिरीपुर, थाना-मकदुमपुर, जिला-जहानाबाद, बिहार
- मोहम्मद सादुल्ला, उम्र-46 वर्ष, पिता-एकमुल्ला हक, निवासी-ग्राम-अमराहा, पोस्ट-बारा, थाना-चाकन्द, जिला-गया, बिहार
बरामद सांप का विवरण

- रेड सैंड बोआ (Eryx Johnii) सॉप
- लंबाई- 04 फिट लगभग
- वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 के अन्तर्गत अनुसुची-1 में सुचीबद्ध एक दुर्लभ अमूल्य जन्तु है।
कार्यवाही
तस्करों के विरुद्ध मु0अ0सं0- 09/26 U/S 2, 9, 39, 40(2), 48, 58A, 59, 50, 51 वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
बोआ सांप, विशेष रूप से रेड सैंड बोआ (Eryx Johnii), की तस्करी कई कारणों से की जाती है:
- पारंपरिक चिकित्सा: बोआ सांप के विभिन्न अंगों का उपयोग पारंपरिक चिकित्सा में किया जाता है, जैसे कि सांप का मांस, हड्डियाँ, और वसा। इनका उपयोग विभिन्न बीमारियों के इलाज के लिए किया जाता है, जैसे कि जोड़ों का दर्द, त्वचा की समस्याएं, और श्वसन संबंधी समस्याएं।
- सजावटी वस्तुएँ: बोआ सांप की त्वचा और हड्डियों का उपयोग सजावटी वस्तुओं जैसे कि बैग, बेल्ट, और जूतों के निर्माण में किया जाता है।
- पालतू जानवर: बोआ सांप एक लोकप्रिय पालतू जानवर है, और उनकी तस्करी की जाती है ताकि उन्हें पालतू जानवर के रूप में बेचा जा सके।
- मैजिक और वूडू: बोआ सांप का उपयोग मैजिक और वूडू में भी किया जाता है, जहां उन्हें शक्ति और सुरक्षा के प्रतीक के रूप में देखा जाता है।
- आधार सामग्री: बोआ सांप की हड्डियों और वसा का उपयोग आधार सामग्री के रूप में किया जाता है, जैसे कि सौंदर्य प्रसाधन और दवाओं में।
इन कारणों से बोआ सांप की तस्करी की जाती है, जो उनकी आबादी के लिए खतरा है और उन्हें विलुप्ति के कगार पर ले जा रही है।
आइए और कुछ जानते हैं बोआ सांप के बारे में
रेड सैंड बोआ(Eryx Johnii) यह बोआ सांप की एक प्रजाति है,जो भारत और पाकिस्तान में पाई जाती है। बोआ सांप की लगभग 40 प्रजातियां है। जिनमें अधिकांश मध्य और दक्षिण अमेरिका में पाई जाती है
