देवब्रत मंडल

रेलवे बोर्ड के एक आदेश के आलोक में पूर्व मध्य रेल के व्यस्ततम रेलवे स्टेशनों में से एक जंक्शन पर कार्यरत आरपीएफ के पोस्ट प्रभारी निरीक्षक का तबादला कर दिया गया है। जिनके तबादले की चर्चा आरपीएफ महकमे में हो रही है। चर्चा यह हो रही है कि साहेब के यहां कार्यभार संभाले हुए एक वर्ष भी नहीं हुए थे कि उनका ट्रांसफर आर्डर आ गया। इस तरह के premature एकल आदेश भी चर्चाओं को कई हवा दे रहा है।
रेलवे बोर्ड के आदेश के आलोक में हुआ ट्रांसफर
तबादले का आदेश पूर्व मध्य रेल के आईजी(प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त अमरेश कुमार के हस्ताक्षर से 17 मार्च को निर्गत हुआ है। मुख्यालय से पत्र जारी किया गया एक पत्र Magadhlive को हाथ लगा है। जिसके मुताबिक रेलवे बोर्ड(सुरक्षा) द्वारा 16 मार्च को ही जारी किया गया था। जिसके आलोक में प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त श्री कुमार ने जारी किया है।
असामयिक तबादला, तीन महीने 21 दिन ही रहे यहां
इस पत्र में premature(समय से पूर्व कहें या असामयिक) तबादले का जिक्र किया गया है। बताते चलें कि जिस साहेब का ट्रांसफर आर्डर निकला है वे पिछले साल 25 नंवबर 2025 को ही आरपीएफ पोस्ट में प्रभारी निरीक्षक का पद संभाला था। इस हिसाब से देखा जाए तो तीन महीने 21 दिन ही यहां रहे। इतनी जल्दी ट्रांसफर के पीछे कई कारण बताए जाते हैं लेकिन एक चर्चा जोरों पर है कि इनके ट्रांसफर के पीछे एक लॉबी उसी वक्त से काम कर रही थी जब इनका ट्रांसफर आर्डर इसके पहले जारी किया गया था।
पटना जंक्शन से चितरंजन आरपीएसएफ में किया गया ट्रांसफर
पूर्व मध्य रेल के प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त अमरेश कुमार द्वारा जारी पत्र बल आदेश संख्या 19/2026 दिनांक 17.03.2026 प्रशासनिक आधार बताते हुए चितरंजन/08 बटालियन/आरपीएसएफ, चितरंजन के लिए पूर्व मध्य रेल के दानापुर रेल मंडल के पटना जंक्शन से तबादले का आदेश जारी किया है।
महकमे में चर्चाओं का बाजार गर्म, अगली बारी किसकी
इधर रेलवे सुरक्षा बल में आरपीएफ इंस्पेक्टर शंकर अजय पटेल के स्थानांतरण की चर्चा हो रही है। इस ताजे ट्रांसफर आदेश के बाद महकमे में इस बात की चर्चा है कि रेलवे बोर्ड द्वारा इस तरह के आदेश के बाद अब किसकी बारी है। वैसे चर्चा है कि साहेब तो काम अच्छे से कर रहे थे तो आखिर क्या और कौन सी ऐसी बात हो गई थी कि श्री पटेल को इतनी जल्द ट्रांसफर कर दिया गया।
