देवब्रत मंडल

गया रेल थाना का बहुचर्चित सोना लूटकांड मामले में मोहित अग्रवाल उर्फ गोलू की जमानत याचिका खारिज कर दी गई है। इस मामले में नामजद छह आरोपी अबतक पुलिस पकड़ से दूर है। गया रेलवे के अपर न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में मोहित अग्रवाल की तरफ से सीनियर अधिवक्ता नीरज कुमार द्वारा जमानत याचिका दाखिल की गई, उन्होंने न्यायालय से जमानत देने की अपील की। जिसका विरोध सरकार की ओर से लोक अभियोजक ने किया। जमानत याचिका पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद याचिका नामंजूर कर दी गई। इस बात की जानकारी देते हुए वरीय अधिवक्ता नीरज कुमार ने बताया कि मोहित अग्रवाल की जमानत याचिका खारिज कर दी गई है। इधर, रेलवे कोर्ट के लोक अभियोजक विजय कुमार ने बताया कि उन्होंने जमानत याचिका को ना मंजूर करने के पक्ष में अपनी ओर से दलीलें दी थी।
न्यायिक हिरासत में है मोहित अग्रवाल
बता दें कि गया रेल थाना कांड संख्या 334/25 में इसके पहले तत्कालीन रेल थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह को जमानत मिल गई है। इस मामले में 31 दिसंबर 2025 को राजेश कुमार सिंह को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। इसके बाद इस कांड की जांच कर रही एसआईटी की टीम ने गया बुलियन एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष मोहित अग्रवाल उर्फ गोलू को गिरफ्तार किया था। जो फिलहाल न्यायिक हिरासत में गया के सेंट्रल जेल में बंद है।
मोहित के घर से 41.75 ग्राम सोना हुआ है बरामद
पिछले दिनों गिरफ्तार किए गए मोहित अग्रवाल को लेकर गया रेल थाना में पटना रेल पुलिस मुख्यालय के डीएसपी भास्कर रंजन ने प्रेस कांफ्रेंस कर बताया था कि मोहित के घर के एक आलमारी से लूटा गया करीब 41.75 ग्राम सोना बरामद हुआ है। जबकि उसने लूटे गए करीब एक किलोग्राम सोना में से करीब 98 ग्राम सोना खरीदने की बात पुलिस को बताई है।
चार सिपाही और दो बाहरी व्यक्ति गिरफ्त से बाहर
इस कांड में गया रेल थाना के तत्कालीन चार सिपाही और दो बाहरी व्यक्ति के विरुद्ध यात्री धनञ्जय शाश्वत से करीब एक किलोग्राम सोना लूट लिए जाने का आरोप है। एसआईटी की टीम अबतक चार सिपाही एवं दो बाहरी व्यक्तियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। इन सभी को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
हावड़ा-जोधपुर एक्स. में 21 नवंबर को हुई थी घटना
बता दें कि यह घटना 21 नवंबर 2025 को हावड़ा-जोधपुर एक्सप्रेस में गया जंक्शन के पहले मानपुर जंक्शन के आसपास हुई बताई गई है। मनोज सोनी नामक सोने के कारोबारी का सोना लेकर इनका कूरियर धनञ्जय शास्वत हावड़ा से इस ट्रेन से लेकर जयपुर जा रहा था। ट्रेन के गया जंक्शन पहुंचने पहले ही यह वारदात हो गई थी।
