देवब्रत मंडल

-जिला पदाधिकारी ने शेरघाटी प्रखंड में भारी बारिश के बाद जल जमाव वाले स्थलों का निरीक्षण किया
-प्रभावित लोगों को ऊंचे स्थानों पर सुरक्षित पहुंचाने के लिए व्यवस्था सुनिश्चित करवाने का निर्देश
गया जी: विगत कुछ दिनों से झारखंड राज्य व गया में हो रही वर्षा के कारण गया ज़िला के शेरघाटी क्षेत्र की नदियां उफान पर हैं। जिसके कारण शेरघाटी प्रखंड के गोपालपुर गांव, पलहत खुर्द गांव, कुबड़ी गांव, पलहतकला गांव, पालकियां गांव, शेरपुर गांव, समोद बिगहा चरकी गांव में बारिश का पानी नदी के सहारे इन सभी गांव में प्रवेश कर गया है। स्थानीय जनप्रतिनिधि, वार्ड सदस्य तथा गांव वालों को सतर्क रहने को कहा गया है। ऊंचे स्थानों पर सुरक्षित पहुंचाने के लिए व्यवस्था सुनिश्चित करवाने का निर्देश अंचलाधिकारी शेरघाटी एवं राजस्व पदाधिकारी को दिया गया है। जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर ने बुधवार को गोपालपुर ग्राम पंचायत का निरीक्षण किया। बताया गया कि नदी का पानी अचानक गांव में तेजी से प्रवेश होने के कारण लगभग 70 घरों में पानी प्रवेश किया था। लिंक रोड भी कट चुका है। कुछ मिट्टी के घरों को क्षति पहुंची है। जिसे पॉलिथीन सीट उपलब्ध करा दिया गया है।

डीएम ने बताया कि आपदा से पीड़ित सभी परिवारों को एक ऊंचे स्थान पर रखा गया है। सभी को सामुदायिक किचन में खाना खिलाने का काम किया गया है। जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया है की रात में पर्याप्त रोशनी एवं पंखा इत्यादि की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित रखें। साथ ही उन सभी को विश्राम के लिए पर्याप्त बेड की व्यवस्था, पेयजल की पूरी व्यवस्था रखना को कहा है।
इसके साथ-साथ पलक खुर्द गांव का भी डीएम ने निरीक्षण किया। जहां हुबली एवं गोपालपुर गांव को पलहट कला से जोड़ने वाली पुलिया के कटाव होने से नदी का पानी गांव में प्रवेश कर गया है। जिला पदाधिकारी ने ग्रामीण कार्य विभाग शेरघाटी को तत्काल ह्यूम पाइप देकर सड़क चालू करवाने को कहा है। साथ ही पानी निकासी के पश्चात कलवर्ट बनवाने का निर्देश दिया है। इसके पश्चात जिला पदाधिकारी गांव के अंदर घूम-घूमकर एक-एक घरों का निरीक्षण किया। लोगों को आश्वस्त कराया कि आप सभी के लिए खाने की पूरी व्यवस्था एवं रहने सोने की पूरी व्यवस्था रखी गई है।
जिला पदाधिकारी ने शेरघाटी अनुमंडल पदाधिकारी को निर्देश दिया है कि सभी कटाव वाले स्थलों पर पुलिस के पदाधिकारी एवं मजिस्ट्रेट की प्रतिनियुक्ति रखें। इसके अलावा मेडिकल टीम को भी उपलब्ध रखें ताकि जरूरत पड़ने पर मदद ली जा सके।
डीएम ने बताया पलकिया गांव के निरीक्षण के पश्चात काफी पुराना पुलिया जर्जर स्थिति में रहने एवं अत्यधिक नदी के जल प्रवाह के कारण मिट्टी कटाव हुआ है। ग्रामीण कार्य विभाग शेरघाटी को अगले 24 घंटे के अंदर रि-स्टोरेशन करवाने का निर्देश दिया है।
चरकी स्थित सामोद बीघा गांव में प्राथमिक विद्यालय सामोद बीघा में संचालित सामुदायिक किचन का निरीक्षण किया। डीएम ने निर्देश दिया कि रोशनी की पूरी व्यवस्था रखें। साफ सफाई भी पूरा रखे। पूरी क्वालिटी के साथ रहने वाले सभी को खाना खिलाए।
जिलाधिकारी ने निर्देश देते हुए कहा कि आपदा प्रबंधन के तहत सामुदायिक रसोई, सुखा राशन , टेंट, पॉलिथीन सीड्स, आश्रय स्थल आदि की और कही जरूरत है तो तुरंत उपलब्ध करवाये। जिला पशुपालन पदाधिकारी को निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में पशु चारा की व्यवस्था एवं पशु चिकित्सा की व्यवस्था हर हाल में सुनिश्चित करेंगे ।
जिलाधिकारी ने कहा कि आपदा प्रबंधन के तहत मानक प्रक्रिया के अनुसार सभी कार्य सुनिश्चित किया जाएगा। निरीक्षण में अपर समाहर्ता आपदा, अनुमण्डल पदाधिकारी शेरघाटी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
