देवब्रत मंडल

गया रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट ने अपराधियों की निगरानी और रेलवे परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए ड्रोन कैमरों का प्रयोग शुरू किया है। इस तकनीकी उपयोग से उत्साहजनक परिणाम सामने आ रहे हैं। वहीं गया जंक्शन पर लगे सीसीटीवी कैमरे से भी निगरानी की जा रही है। जिसके फलस्वरूप आपराधिक गतिविधियों एवं अन्य किसी भी प्रकार की ऐसी गतिविधियां जिससे रेलवे की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है, उस पर भी सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से निगरानी की जा रही है। गया आरपीएफ पोस्ट प्रभारी निरीक्षक बनारसी यादव के नेतृत्व में टीम रेल पटरियों के आसपास के इलाके में ड्रोन कैमरे से गतिविधियों पर नजर रखने की जानकारी लोगों को दे रही है। उन्होंने लोगों को सचेत किया है कि यदि रेलवे लाइन के किनारे या रेल पटरी पर किसी तरह की आपराधिक घटनाओं को जो भी अंजाम देने के लिए सोच भी रहे हैं तो उनकी पूरी जानकारी उनके कंट्रोल रूम को मिल जाती है। ऐसे लोगों के विरुद्ध त्वरित कार्यवाही करने के लिए एक विशेष टीम फौरन उस स्थान पर पहुंचकर इसमें शामिल लोगों के साथ निरोधात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।
ड्रोन कैमरों के उपयोग के लाभ:
- विस्तृत क्षेत्र की निगरानी: ड्रोन कैमरे से भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों, प्लेटफार्म, रेलवे ट्रैक और यार्ड जैसे विशाल क्षेत्रों की एक साथ निगरानी की जा रही है।
- रियल टाइम मॉनिटरिंग: ड्रोन कैमरे से प्राप्त लाइव फुटेज कंट्रोल रूम तक सीधे पहुंचता है, जिससे संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई संभव होती है।
- अपराध पर रोकथाम: ड्रोन कैमरों की मौजूदगी अपराधियों में भय उत्पन्न करती है, जिससे चोरी, लूटपाट, टिकट ब्लैकिंग और अन्य अवैध गतिविधियों में कमी आती है।
- तेज प्रतिक्रिया क्षमता: किसी भी संदिग्ध घटना या भीड़ नियंत्रण की स्थिति में ड्रोन से मिली जानकारी के आधार पर सुरक्षा बल तुरंत तैनात होकर स्थिति पर नियंत्रण पा सकते हैं।
ड्रोन कैमरों का उपयोग रेलवे सुरक्षा बल गया के लिए अपराधियों की पहचान, उनकी गतिविधियों पर रोकथाम और यात्री सुरक्षा सुनिश्चित करने में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रहा है। इससे आरपीएफ की कार्यक्षमता में बढ़ोतरी के साथ-साथ रेलवे यात्रियों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराया जा रहा है। बता दें कि 02 अक्टूबर को डीडीयू-गया रेलखंड पर सियालदह राजधानी एक्सप्रेस एवं हावड़ा राजधानी एक्सप्रेस पर पत्थरबाजी की घटना हुई थी। जिसके बाद वरीय अधिकारियों के निर्देश पर आरपीएफ पोस्ट गया द्वारा ड्रोन के माध्यम से इस प्रकार की निगरानी तेज कर दी गई है। पितृपक्ष मेला के दौरान भी ड्रोन के माध्यम से गया जंक्शन पर निगरानी की जा रही थी।
