रेलकर्मियों ने दुर्घटनाग्रस्त होने से बचा लिया हावड़ा-बीकानेर एक्सप्रेस को, डीआरएम ने किया पुरस्कृत

Deobarat Mandal

देवब्रत मंडल

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कीमैन को पुरस्कृत करते डीआरएम


डीडीयू मंडल के चंदौली मझवार और गंजख्वाजा स्टेशनों के बीच एक बड़ा रेल हादसा टल गया। प्रातः 08:57 बजे कीमैन श्रवण कुमार ने नियमित निरीक्षण के दौरान अप लाइन पर एक रेल फ्रैक्चर की पहचान की। उन्होंने तुरंत स्टेशन मास्टर संतोष कुमार को सूचित किया और फाटक की तरफ दौड़े। स्टेशन मास्टर ने सतर्कता दिखाते हुए समपार फाटक पर गेटमैन दिनेश कुमार को सूचित किया, जिन्होंने संरक्षा के लिए तत्काल गेट सिग्नल बंद कर दिया।

घटना की जानकारी:

  • समय: प्रातः 08:57 बजे
  • स्थान: चंदौली मझवार और गंजख्वाजा स्टेशनों के बीच समपार फाटक संख्या 78 के पास
  • घटना: अप लाइन पर रेल फ्रैक्चर की पहचान

त्वरित कार्रवाई:

  • कीमैन श्रवण कुमार ने तुरंत स्टेशन मास्टर को सूचित किया।
  • स्टेशन मास्टर संतोष कुमार ने समपार फाटक पर गेटमैन दिनेश कुमार को सूचित किया।
  • गेटमैन ने संरक्षा के लिए तत्काल गेट सिग्नल बंद कर दिया।
  • स्टेशन मास्टर ने कंट्रोल ऑफिस को सूचित किया और ओवरहेड उपकरण बंद किए गए।

परिणाम:

  • आ रही ट्रेन संख्या 22307 (हावड़ा–बीकानेर एक्सप्रेस) को संरक्षित रूप से रोका जा सका।
  • वरिष्ठ अनुभाग अभियंता की टीम ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक मरम्मत की।
  • 09:30 बजे ट्रैक को 30 किमी/घंटा की गति सीमा के साथ संरक्षित रूप से फिट घोषित किया गया।

पुरस्कार और सराहना:

  • मंडल रेल प्रबंधक उदय सिंह मीना ने कीमैन श्रवण कुमार, स्टेशन मास्टर संतोष कुमार, स्टेशन मास्टर विनय कुमार और गेटमैन दिनेश कुमार को शाबाशी देते हुए उन्हें पुरस्कृत किया।

निष्कर्ष:

यह घटना डीडीयू मंडल की संरक्षा संस्कृति का जीवंत उदाहरण है, जहाँ प्रत्येक कर्मचारी संरक्षित संचालन को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। मंडल प्रशासन ऐसे कर्मठ और सजग कर्मचारियों की सराहना करता है, जिनके प्रयासों से संरक्षा सुनिश्चित होती है।

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