देवब्रत मंडल

गया जिले में मनरेगा योजना के तहत सरकारी राशि के गबन करने का एक मामला सामने आया है। इस मामले में जो शिकायत डीएम तक पहुंचाई गई है। उसके अनुसार इस योजना में भ्रष्टाचार की बू आ रही है।
जांच अभी होना बाकी है, फर्जीवाड़े की कहानी
फिलहाल अभी तो इसकी जांच भी शुरू नहीं हुई है लेकिन जिस व्यक्ति ने गया के डीएम को दिए आवेदन में जितनी बातें बताई है तो उसके अनुसार मामला फर्जीवाड़ा कर सरकारी राशि के दुरुपयोग करने की बात है। परैया प्रखंड के करहट्टा पंचायत में मनरेगा में व्याप्त भ्रष्टाचार के संबंध में आवेदन देते हुए एक व्यक्ति ने इस योजना में हो रही अनियमितता की जांच करते हुए दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
एक ढेला मिट्टी नहीं काटी गई और भुगतान हो रहा
आवेदक ने डीएम को दिए आवेदन में बताया है कि वर्क कोड 20620632 पईन की सफाई ग्राम परसामा का MR निकला हुआ हैं। जिसमें एक डेली(ढेला) भी मिट्टी नहीं काटी गई है और भुगतान किया गया है।
पईन टिकारी का और कार्य योजना परैया में दिखाया जा रहा
और तो और सबसे ध्यान देने वाली बात है की उक्त पईन टिकारी प्रखंड के नेपा पंचायत में है और योजना परैया में चलाया जा रहा है।
योजना का क्रियान्वयन निजी जमीन पर
करहट्टा पंचायत के परसामा गांव में योजना संख्या-20488034, 20488044 एवं 20488053 का उल्लेख आवेदक ने किया है। कहा है कि ये सारी योजनाएं निजी जमीन पर है और सरकारी वृक्षारोपण का लाभ बिना पौधे के ही भुगतान धड़ल्ले से किया जा रहा है।
योजना कहीं और की और फोटो कहीं और की

आवेदक गौरव सिंह का कहना है कि यदि इस पर ध्यान से देखेंगे तो मालूम होगा कि MMS के माध्यम से जो फोटो डाला जा रहा है वह भी फोटो से फोटो खींच कर रिकॉर्ड में लगाया जा रहा है। इनका कहने का मतलब कि फोटो किसी अन्य जगह की योजना की है और उसी को इस योजना में दिखाकर सरकारी राशि का गबन किया जा रहा है।
सरकारी राशि के दुरुपयोग रोकने व आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग
गौरव सिंह ने डीएम प्रार्थना करते हुए मांग की है कि इसकी गहन जांच कर ‘सरकारी खजाने’ की लूट-खसोट करने वाले लोगों के उपर कठोर कार्रवाई करने की कृपा करें। ताकि सरकारी राशि का दुरूपयोग होने से बच जाए।
