मोहित अग्रवाल से पुलिस हिरासत में हो रही है पूछताछ
देवब्रत मंडल

गया रेल थाना का बहुचर्चित सोना लूटकांड में रेल पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस मामले की जांच कर रही एसआईटी की टीम ने इस कांड के एक महत्त्वपूर्ण सूत्रधार को उत्तर प्रदेश के वाराणसी से #उठाया है। जिससे कड़ी पूछताछ की जा रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि पूछताछ से इस कांड में छिपे अबतक के छिपे रहस्यों पर से पर्दा उठ सकता है।
भागा फिर रहा मोहित अग्रवाल को यूपी में था छिपा
बता दें कि गया रेलवे स्टेशन के पास हावड़ा-जोधपुर एक्सप्रेस ट्रेन में 21 नवंबर को सोने के व्यापारी मनोज सोनी के कुरियर धनञ्जय शाश्वत से गया जीआरपी थाने के चार सिपाही और दो बाहरी व्यक्ति ने सोना लूटकांड को अंजाम दिया था। इस मामले में शनिवार की रात एक बड़ी कार्रवाई हुई। एसआईटी को यह सूचना मिली थी कि बुलियन एसोसिएशन, गया जी के कोषाध्यक्ष मोहित अग्रवाल उर्फ गोलू वाराणसी में छिपा हुआ है। जहां छापेमारी कर सोना व्यवसाय से जुड़े मोहित अग्रवाल को हिरासत में लिया गया।

रेल एसपी ने कहा-मोहित से की जा रही है पूछताछ
रेल एसपी अनंत कुमार राय ने मोहित के हिरासत में लिए जाने की पुष्टि करते हुए बताया कि इससे पूछताछ जारी है। उम्मीद है कि इसके निशानदेही पर इस कांड में कुछ और रहस्यों पर से पर्दा उठ सकता है। वहीं फरार चल रहे अन्य अपराधियों(आरोपियों) के छिपे रहने के संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। श्री राय ने बताया कि मोहित को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और मामले की जांच अभी जारी है।

विनोद के पकड़े जाने के बाद से ही मोहित था फरार
बता दें कि इसके पहले गया सराफा बाजार से विनोद बरनवाल को पुलिस ने उठाया था। जिसने पूछताछ में बताया था कि लूटे गए सोने के बिस्किट को टुकड़े टुकड़े करने के लिए उसे बुलाया गया था। सोने की कटाई करने की बात नामजद आरोपी मो. परवेज के चाकन्द स्थित सती स्थान नामक जगह पर संचालित आरओ वाटर प्लांट में करने की बात बताई थी। विनोद के निशानदेही गया जी चौक टावर के पास गोलू के सोने चांदी की दुकान ‘गोल्ड हाउस’ पर छापेमारी करने एसआईटी की टीम पहुंची थी तो गोलू यहां से फरार मिला।
मोहित की गिरफ्तारी कांड की महत्वपूर्ण कड़ी मानी जा रही
तब से मोहित अग्रवाल उर्फ गोलू गिरफ्तारी के डर से भागा फिर रहा था। यहीं से गोलू एसआईटी के निशाने पर था। एसआईटी को मोहित अग्रवाल का पकड़े जाना इस कांड की महत्वपूर्ण कड़ी मानी जा रही है। बताया गया कि पिछले दिनों गुप्त सूचना पर एसआईटी छत्तीसगढ़ भी गोलू को गिरफ्तार करने के लिए गई थी। इसके बाद एसआईटी को सूचना मिली कि गोलू वाराणसी में छिपा हुआ है। सूत्रों के अनुसार वाराणसी में गोलू का ससुराल बताया जाता है। जहां से गोलू के पकड़े जाने की बात सामने आई है।
सोने का बंटवारे हुआ या कर दी गई बिक्री का खुलेगा राज
पुलिस अब गोलू के माध्यम से यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि लूटे गये सोने की खरीद-बिक्री की गई है या टुकड़े टुकड़े में किए गए सोने को अपराधियों ने आपस में बांट लिया था। यदि बिक्री की गई है तो कहां और किन माध्यमों से की गयी। चौक सर्राफा बाजार में इस कार्रवाई के बाद व्यापारियों में हड़कंप मचा हुआ है। फिलहाल पुलिस की टीमें लगातार सक्रिय हैं और आने वाले दिनों में इस सोना लूटकांड से जुड़े और बड़े खुलासे होने की उम्मीद जतायी जा रही है।
नामजद सिपाही और दो बाहरी अबतक पुलिस पकड़ से दूर
अबतक इस कांड में नामजद चार सिपाही और दो बाहरी व्यक्ति की न तो गिरफ्तारी हो पाई है और न तो लूट का सोना बरामद किया जा सका है। इस कांड में पुलिस को आरोप पत्र दाखिल करने के लिए सोने की बरामदगी और फरार आरोपियों को गिरफ्तार करना अभी भी चुनौती बनी हुई है। हालांकि इन फरार आरोपियों के संभावित जगहों पर छिपे हुए रहने के कई ठिकानों पर दबिश दे रही है लेकिन अबतक हाथ खाली है।
