बिहार में रेल बजट नौ गुना बढ़ा, 11 सालों में 2000 किमी की नई रेल पटरियाँ बिछाई गयीं: अश्विनी वैष्णव

Deobarat Mandal

देवब्रत मंडल

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रेल, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 02 फरवरी को बजट 2026-27 हेतु बिहार में रेल परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने हेतु रिकार्ड बजट आवंटन के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा भारतीय रेलवे हेतु रिकॉर्ड धनराशि रूपये 2,78,000 करोड़ आवंटित की गयी है।

सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोरों को ‘ग्रोथ कनेक्टर्स’ के रूप में विकसित करने की घोषणा

दीर्घकालिक विजन के तहत, सरकार ने पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ यात्री परिवहन को बढ़ावा देने के लिए शहरों के बीच सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोरों को ‘ग्रोथ कनेक्टर्स’ के रूप में विकसित करने की घोषणा की है। इनमें मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी शामिल हैं। इन प्रस्तावित कॉरिडोरों से शहरों के बीच यात्रा के समय में उल्लेखनीय कमी आएगी और यात्रियों के लिए बिना किसी रुकावट के बहु-माध्यमीय आवाजाही आसान हो जाएगा।

दिल्ली-वाराणसी हाई स्पीड कॉरिडोर के माध्यम से यात्रा लगभग 3:50 घंटे में पूरी होगी

उत्तरी और पूर्वी भारत में, वाराणसी से पटना होते हुए पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी तक हाई स्पीड रेल कॉरिडोर से वाराणसी-सिलीगुड़ी की यात्रा लगभग 2 घंटे 55 मिनट में पूरी की जा सकेगी। इसके अतिरिक्त, दिल्ली-वाराणसी हाई स्पीड कॉरिडोर के माध्यम से यात्रा लगभग 3 घंटे 50 मिनट में पूरी होगी। यह कनेक्टिविटी पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली को जोड़ते हुए एक नया आर्थिक कॉरिडोर विकसित करेगी, जिससे क्षेत्रीय विकास और आर्थिक गतिविधियों को काफी बढ़ावा मिलेगा।

बिहार में रेलवे के विकास के लिए प्रतिवर्ष औसतन 1,132 करोड़ रुपए आवंटित

इसी कड़ी में उन्होंने बिहार राज्य के लिए रेलवे हेतु आवंटित धनराशि का जिक्र करते हुए बताया कि 2009 से 2014 में बिहार में रेलवे के विकास के लिए प्रतिवर्ष औसतन 1,132 करोड़ रुपए आवंटित किए गए थे जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में बढ़ाकर इस वर्ष 10 हजार 379 करोड़ रूपये कर दिया गया है, जो कि पिछली सरकार की तुलना में 09 गुना ज्यादा है।

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बिहार के दो स्टेशन थावे और पीरपैंती रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास का कार्य पूरा

रेलमंत्री श्री वैष्णव ने कहा कि बिहार में 01,09,158 करोड़ रूपये की लागत से आधारभूत संरचनाओं के परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। साथ ही 3287 करोड़ की लागत से बिहार में 98 अमृत भारत स्टेशनों का पुनर्विकास कार्य चल रहा है। इनमें से बिहार के दो स्टेशन थावे और पीरपैंती रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास का कार्य पूरा हो चुका है। बता दें कि गया जंक्शन पर यह कार्य जारी है बिहार में 14 जोड़ी वंदे भारत एवं 21 जोड़ी अमृत भारत ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है तथा पटना और जयनगर के मध्य नमो भारत एक्सप्रेस का भी परिचालन किया जा रहा है।

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गया में निर्माणाधीन अंडर पास(आरयूबी)

बिहार में 568 फ्लाई ओवर एवं अंडरपास का निर्माण कार्य पूरा

विदित हो कि बिहार में 2014 से 2000 किमी नई लाईन का निर्माण किया जा चुका है जो लगभग मलेशिया के कुल रेल नेटवर्क के बराबर है । बिहार में 2014 से 3330 किमी रेलवे ट्रैक का विद्युतीकरण किया जा चुका है तथा बिहार में रेलवे का 100 प्रतिशत विद्युतीकरण हो चुका है । साथ ही 568 फ्लाई ओवर एवं अंडरपास का निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है।

रेलमंत्री के प्रेस कॉन्फ्रेंस के पश्चात महाप्रबन्धक, पूर्व मध्य रेल छत्रसाल सिंह ने भी उपस्थित संवाददाओं को बजट में रेलवे हेतु किये गये प्रावधानों से उन्हें अवगत कराया। इस अवसर पर अपर महाप्रबंधक अमरेन्द्र कुमार सहित सभी विभागाध्यक्षगण उपस्थित थे।

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