महाबोधि एक्स. से हुए हादसे की उच्चस्तरीय जांच शुरू, प्रारम्भिक जांच में कोच इंडिकेशन बोर्ड और सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा पाया गया

Deobarat Mandal

देवब्रत मंडल

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हादसे से सबक: की गई बैरिकेटिंग

12397 गया-नई दिल्ली महाबोधि एक्सप्रेस से दो यात्रियों की जान चले जाने की घटना के बाद इस हादसे की उच्चस्तरीय जांच शुरू हो गई है। प्रारंभिक जांच में इस दुखद घटना के लिए उन दोनों यात्रियों की ही गलती सामने आई है, जिनके इस हादसे में घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी। घटना सोमवार को गया जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर 06 पर उस वक्त हुई थी जब महाबोधि एक्सप्रेस की रेक प्लेटफॉर्म पर प्लेस कर रही थी।

मंगलवार को डीडीयू मंडल मुख्यालय के क्षेत्रीय अधिकारी(एरिया ऑफिसर) आर. के. सिंह गया जंक्शन पर इस हादसे की मंडल स्तरीय जांच को लेकर पहुंचे। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि क्षेत्रीय अधिकारी श्री सिंह को इस घटना की जांच के लिए यहां भेजा गया है जो इस हादसे से जुड़ी सभी पहलुओं की सूक्ष्मता से जांच कर रहे हैं। जांच में क्या सामने आया है, इस निष्कर्ष पर अबतक नहीं पहुंच सके हैं।

प्रारम्भिक जांच में मृत यात्रियों की गलती सामने आई

रेलवे सूत्रों ने बताया कि सोमवार को हुए इस हादसे के बाद स्थानीय पर्यवेक्षक स्तर के पदाधिकारियों की एक टीम ने जांच की थी। इस जांच में कई बातें सामने आई थी।

# जिसमें एक जिस स्थान पर हादसा हुआ उस जगह पर सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हुए थे

# दूसरी बात कि प्लेटफॉर्म नंबर 06 पर कोच इंडिकेशन बोर्ड नहीं हैं।

# जांच टीम ने पाया है कि एक यात्री(युवक) चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश कर रहा था और उसी युवक के पीठ पर प्रौढ़ यात्री उसे पकड़ कर चढ़ने लगे थे और उनका संतुलन बिगड़ गया। फलतः दोनों यात्री प्लेटफॉर्म और कोच के मध्य गैप में गिर गए। परिणाम स्वरूप दोनों की मौत हो गई।

# जांच में यह भी बात सामने आई है कि घटना के दिन यात्रियों को लाइन लगाकर कोच में नहीं बिठाया गया था। जबकि जवानों की तैनाती प्लेटफॉर्म पर थी, यात्रियों की भीड़ अपेक्षाकृत कम थी।

उच्चस्तरीय जांच में शामिल हैं ये लोग

सूत्रों ने बताया कि मंगलवार को गया जंक्शन पर जांच करने आए डीडीयू जंक्शन के एरिया ऑफिसर आर. के. सिंह के अलावा सहायक सुरक्षा आयुक्त हरमंगत सिंह, सहायक मंडल अभियंता ऋषिकेश मीना एवं अन्य शामिल हैं। ये सभी उस स्थान पर भी गए, जहां घटना(प्लेटफॉर्म नंबर 06 पर) हुई थी। बता दें कि हादसे की वजह से सोमवार को महाबोधि एक्सप्रेस 14:40 बजे खुली थी। इस घटना में रेलवे को कोई क्षति नहीं पहुंची है। मृतकों में एक गया जिले के बाराचट्टी का व दूसरा जहानाबाद जिले के थे।

हादसे के बाद सबक, लाइन में यात्रियों को लगाया गया

हादसे से सबक लेकर आरपीएफ के द्वारा मंगलवार को महाबोधि एक्सप्रेस के सामान्य कोच के सामने यात्रियों को सुरक्षित जगह दिलाने के लिए बैरिकेटिंग की गई। वृद्ध, लाचार एवं बच्चों को प्राथमिकता देते हुए सुरक्षित कोच में बिठाया गया। बता दें इस ट्रेन में चार जनरल(सामान्य) बोगी लगते हैं। दो इंजन के साइड में और दो गार्ड/एसएलआर कोच से सटे होते हैं।

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