देवब्रत मंडल

गया, दिनांक : 22 मई 2026
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, गया महानगर द्वारा शुक्रवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नेतृत्व में गया कॉलेज, गया में घटी अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं शर्मनाक घटना को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया गया। परिषद ने कहा कि परीक्षा दे रही एक छात्रा को कॉलेज प्रशासन द्वारा कथित रूप से मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया, जिसके बाद छात्रा ने नीतीश कुमार भवन की ऊपरी मंजिल से छलांग लगा दी। यह घटना पूरे शिक्षा जगत को झकझोरने वाली है तथा महाविद्यालय प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है।घटना के विरोध में विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने गया कॉलेज मुख्य द्वार पर प्राचार्य का पुतला दहन कर जोरदार प्रदर्शन किया। दोषियों पर अविलंब कार्रवाई की मांग की। परिषद कार्यकर्ताओं ने कहा कि छात्रहित एवं छात्राओं की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विद्यार्थी परिषद का स्पष्ट मानना है कि किसी भी शिक्षण संस्थान का प्रथम दायित्व विद्यार्थियों को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं सकारात्मक वातावरण प्रदान करना होता है। यदि किसी छात्रा को मानसिक दबाव, भय अथवा अपमान की स्थिति में इस प्रकार का कदम उठाने के लिए विवश होना पड़े, तो यह अत्यंत गंभीर विषय है और इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
आगे कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि इस पूरे मामले में कॉलेज प्रशासन एवं प्राचार्य महोदय द्वारा लीपापोती करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे विद्यार्थी परिषद किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं करेगी। किसी भी दोषी अधिकारी या कर्मचारी को बचाने का प्रयास शिक्षा व्यवस्था एवं छात्रहित के विरुद्ध है। जीबीएम कॉलेज के अध्यक्ष वैष्णवी कुमारी ने कहा कि यदि किसी छात्रा को परीक्षा केंद्र में मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है और प्रशासन संवेदनहीन बना हुआ है, तो यह शिक्षा व्यवस्था पर कलंक है। दोषियों को बचाने के बजाय विश्वविद्यालय प्रशासन को निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। विद्यार्थी परिषद छात्रहित एवं न्याय की लड़ाई अंतिम तक लड़ेगी। राज्य विश्वविद्यालय सह संयोजक मैक्स अवस्थी ने कहा कि गया कॉलेज में हुई यह घटना अत्यंत निंदनीय है। छात्राओं की सुरक्षा एवं सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि प्रशासन शीघ्र कार्रवाई नहीं करता है, तो विद्यार्थी परिषद आंदोलन को और व्यापक करेगी। महानगर मंत्री आदित्य मिश्रा ने कहा कि, “महाविद्यालय प्रशासन की लापरवाही एवं असंवेदनशील रवैये के कारण आज एक छात्रा को ऐसा कदम उठाना पड़ा।” परिषद मांग करती है कि पीड़ित छात्रा को समुचित उपचार, न्याय एवं हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए तथा दोषियों को तुरंत पद से हटाकर कार्रवाई की जाए।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद प्रशासन से मांग की है-
- मगध विश्वविद्यालय द्वारा इस घटना की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच हेतु तत्काल स्वतंत्र जांच कमेटी का गठन किया जाए।
- दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर अविलंब कठोर कार्रवाई की जाए।
- पीड़ित छात्रा को उचित न्याय, समुचित उपचार एवं हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए।
- भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु परीक्षा केंद्रों एवं महाविद्यालयों में संवेदनशील एवं जवाबदेह व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
विद्यार्थी परिषद स्पष्ट चेतावनी देती है कि यदि जल्द से जल्द न्यायपूर्ण एवं पारदर्शी कार्रवाई नहीं की गई, तो परिषद छात्रहित एवं न्याय की रक्षा हेतु चरणबद्ध उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी विश्वविद्यालय एवं कॉलेज प्रशासन की होगी। इस मौके पर मोहित भदोरिया,आदित्य मिश्रा, सूरज सिंह, पवन मिश्रा, मैक्स अवस्थी, रिशु सिंह, ऋतिक रोशन, अंकित सागर, राहुल सिंह, नीरज सिंह,हरीश सिंह, मयंक शर्मा, पुरुषोत्तम कुमार, आयुष शर्मा, यशवंत शर्मा, शशिकांत सिंह, चंदन शर्मा, शशि यादव, रणधीर सिंह,दीपू पांडे, अमरजीत कुमार, मोनू कुमार,वैष्णवी कुमारी, विशाल दास, योगेश कुमार ,सौरभ कुमार आदि मौजूद रहे.
