देवब्रत मंडल

गया। गया–डोभी मुख्य सड़क मार्ग पर शनिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब मगध मेडिकल थाना क्षेत्र के हरियो गांव के समीप एक चलती सरकारी बस में अचानक भीषण आग लग गई। महिलाओं के लिए चलाई जा रही पिंक बस देखते ही देखते आग की लपटों ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। हालांकि राहत की बात यह रही कि बस खाली थी, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस दोमोहन बोधगया से गया की ओर आ रही थी। इसी दौरान बस से अचानक धुआं निकलने लगा और कुछ ही देर में आग की तेज लपटें उठने लगीं। आग इतनी भयावह थी कि देखते ही देखते पूरी बस धू-धू कर जलने लगी। मुख्य सड़क पर उठती ऊंची लपटें और धुएं का गुबार देखकर आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। सड़क से गुजर रहे वाहन चालक भी अपने वाहन रोककर दूर हट गए।

घटना के बाद गया–डोभी मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और कुछ देर तक आवागमन पूरी तरह बाधित रहा। स्थानीय लोगों ने तत्काल फायर ब्रिगेड और पुलिस को सूचना दी। फायर स्टेशन के एक पदाधिकारी रघुवीर कुशवाहा ने बताया सूचना मिलते ही मगध मेडिकल थाना से दमकल की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने में जुट गई। उन्होंने बताया कि सूचना दोपहर बाद करीब सवा तीन बजे मिली थी। उन्होंने बताया इसके बाद गया मुख्यालय से दो गाड़ी(दमकल) के साथ टीम को भेजा गया। उन्होंने बताया मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। तब तक बस का बड़ा हिस्सा जलकर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका था।

उन्होंने बताया राहत दल में फायर स्टेशन पदाधिकारी अजय कुमार साह, सब ऑफिसर भूलचुन साहनी, चालक राजेश रंजन, अग्निक राकेश कुमार, सुबेश कुमार, काजल कुमारी, अमन कुमार आदि शामिल थे। जिस समय बस में आग लगी, उस वक्त उसमें कोई यात्री सवार नहीं था। बताया जा रहा है कि बस खाली अवस्था में गया की ओर जा रही थी। ऐसे में संभावित बड़ा हादसा टल गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बस यात्रियों से भरी होती, तो स्थिति बेहद भयावह हो सकती थी।
घटना के दौरान चालक बस छोड़कर मौके से फरार हो गया। आग लगने के कारणों का फिलहाल स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है। मामले की जांच की जा रही है। घटना के बाद इलाके में काफी देर तक दहशत और अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
