देवब्रत मंडल

एक किलोग्राम सोना लूटकांड मामले गया रेल थानाध्यक्ष रहे इंस्पेक्टर राजेश कुमार सिंह के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई के बाद अब केस नंबर 334/2025 के अनुसंधानकर्ता बनाये गए सबइंस्पेक्टर वीरेंद्र प्रसाद के विरुद्ध विभागीय स्तर से निलंबन की कार्रवाई की गई है। इन पर इस कांड की जांच में कथित रूप से लापरवाही बरतने का आरोप लगाया गया है।
मामले की जांच अब पटना रेल पुलिस मुख्यालय के डीएसपी कर रहे हैं। इस कांड की जांच में एक नया मोड़ आया है और पूर्व अनुसंधान करने वाले पुलिस पदाधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। जबकि रेल थानाध्यक्ष श्री सिंह की गिरफ्तारी की जा चुकी है और वे न्यायिक हिरासत में हैं। वहीं अन्य आरोपी जिसमें चार सिपाही और दो सिविलियन अबतक पुलिस की पकड़ से बाहर है।
हावड़ा-जोधपुर बीकानेर सुपरफास्ट एक्सप्रेस में सोना लूटपाट मामला
गया रेल थाना के थानेदार राजेश कुमार सिंह और चार सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है। ये सभी हावड़ा-जोधपुर एक्सप्रेस में एक किलो सोना लूट के मामले में शामिल थे। थानेदार राजेश कुमार सिंह ने खुद के लिखित बयान पर केस दर्ज किया था, लेकिन जांच में उनकी भी इसमें शामिल होने की पुष्टि हुई।
इन चार सिपाहियों की तलाश जारी
इन चार सिपाहियों में करण कुमार, अभिषेक चतुर्वेदी, रंजय कुमार और आनंद मोहन शामिल हैं। इन पर लूटपाट और पीसी एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। जो गिरफ्तारी के डर से भागे फिर रहे हैं। पुलिस इनकी तलाश कर रही है। वहीं परवेज और सीताराम भी फरार चल रहे हैं।
नई कार्रवाई में कांड के पूर्व आईओ निलंबित
पटना पुलिस मुख्यालय ने केस के आईयू (अनुसंधान पदाधिकारी) वीरेंद्र प्रसाद को भी सस्पेंड कर दिया है, उन पर मामले की जांच में लीपापोती करने का आरोप है। पटना रेल डीएसपी भास्कर रंजन ने मीडिया को बताया कि आईओ पर आरोप है कि उन्होंने केस करने के दौरान लीपोपोती की है। इस मामले में उन्हें भी सस्पेंड कर दिया गया है। इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है। किसी भी स्तर पर लापरवाही या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। दोषी पाये जाने वाले अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी।
