देवब्रत मंडल


रेल परिवार के लिए एक अत्यंत हर्ष और गर्व का विषय है। अब तक रेल कर्मचारियों के परिवार के नवजात शिशुओं (Newborn Babies) को तब तक रेलवे मेडिकल उपचार की पात्रता नहीं मिलती थी, जब तक उनका UMID (उम्मीद) कार्ड बनकर तैयार नहीं हो जाता था। इस तकनीकी कारण से कई बार हमारे साथी उचित उपचार से वंचित रह जाते थे।
ईस्ट सेंट्रल रेलवे कर्मचारी यूनियन के केंद्रीय कोषाध्यक्ष मिथिलेश कुमार ने बताया कि इस गंभीर समस्या को देखते हुए, DC JCM स्टाफ साइड के सेक्रेटरी शिव गोपाल मिश्रा ने रेलवे बोर्ड की मीटिंग में इस मांग को प्रमुखता से उठाया था। उनके संघर्ष और प्रयासों का ही परिणाम है कि अब:
✅ बिना UMID कार्ड के भी नवजात शिशु तुरंत उपचार के पात्र होंगे।
✅ जन्म के तुरंत बाद होने वाली किसी भी मेडिकल इमरजेंसी में अब रेल कर्मचारी को परेशानी नहीं होगी।
✅ रेलवे प्रशासन ने इस जायज मांग को स्वीकार कर लिया है।
श्री कुमार ने कहा कि एकता में ही शक्ति है! यूनियन की यह सक्रियता दर्शाती है कि कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए हम सदैव तत्पर हैं। इसके लिए श्री कुमार ने यूनियन के समस्त साथियों तथा रेल कर्मचारियों की ओर से कॉम शिव गोपाल मिश्रा के प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हुए उन्हें बधाई दी है। उन्होंने कहा कि इससे देश के लाखों कर्मचारी परिवार के घरों में खुशियां मनाई जा रही है।
