ये खबर जरा हट के है, विदेशी मिले तो रेल थाना और देसी मिले तो उत्पाद थाना, आखिर ऐसा क्यों?

Deobarat Mandal

देवब्रत मंडल

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देसी शराब और आरपीएफ की टीम उत्पाद थाना में

कभी कभी कुछ बातें सोचने पर मजबूर कर देती है। शराबबंदी लागू होने के बाद हर दिन कहीं न कहीं शराब पकड़े जाने, शराबी पकड़े जाने के मामले या किस्से सामने आ ही रहे हैं। एक बात जो सोचने पर मजबूर कर दिया कि आखिर शराब के साथ दो नीति क्यों?
प्रश्न उठना स्वाभाविक है कि जब विदेशी शराब पकड़ी जाती है तो उसे संबंधित पुलिस थाना में जब्ती दिखाते हुए कांड दर्ज किए जाते हैं लेकिन देसी शराब पकड़ी गई तो उत्पाद(मद्य निषेध) थाना में मामला दर्ज करने के लिए भेज दिया जाता है।

एक सप्ताह के अंदर कई बार शराब पकड़ी गई

ऐसा गया जंक्शन पर देखने को मिल रहा है। इधर एक सप्ताह के भीतर विदेशी और देसी शराब दोनों पकड़े गए। विदेशी शराब गया रेल थाना के हवाले करते हुए कांड दर्ज किया गया। जबकि देसी शराब पकड़ी गई तो उत्पाद थाना को सुपुर्द कर दिया गया।

शराब के साथ भेदभाव समझ में नहीं आ रहा

पिछले दिनों गया जंक्शन पर आई दो ट्रेन आसनसोल-गया मेमू और आसनसोल-वाराणसी पैसेंजर ट्रेन से लाई गई देसी शराब को आरपीएफ पोस्ट और सीआईबी की टीम ने लावारिस स्थिति में बरामद किया। दोनों कार्रवाई में देखने को मिला कि बरामद देसी शराब उत्पाद विभाग को सुपुर्द कर दिया गया।

image editor output image 1364394787 17641700009981687727398401898144 ये खबर जरा हट के है, विदेशी मिले तो रेल थाना और देसी मिले तो उत्पाद थाना, आखिर ऐसा क्यों?
गया रेल थाना:जब्त विदेशी शराब व तस्कर

विदेशी शराब भी पकड़ी गई थी और तस्कर भी

इसी बीच गया जंक्शन पर ही आरपीएफ की टीम ने करीब 11.50 लीटर विदेशी शराब लावारिस स्थिति में बरामद किया। बरामद शराब को गया रेल थाना के हवाले कर दिया गया। जहां उत्पाद अधिनियम की संशोधित धारा के तहत कांड अंकित किया गया। इसके पहले भी विदेशी शराब आरपीएफ ने पकड़े और गया रेल थाना में कांड दर्ज हुए। वहीं कुछ तस्कर के साथ विदेशी शराब पकड़ी गई थी। यह मामला भी रेल थाना में दर्ज कराई गई।

क्या देसी शराब के मामले रेल थाना में दर्ज नहीं होते

सवाल है कि शराब चाहे देसी हो या विदेशी। दोनों बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद प्रतिबंधित हैं। जब आरपीएफ द्वारा विदेशी शराब के मामले गया रेल थाना में दर्ज कराए जा सकते हैं तो देसी शराब के मामले  दर्ज नहीं कराए जा सकते हैं। जबकि दोनों शराब के लिए एक ही कानून बने हैं।

उत्पाद आयुक्त ने कहा- ये तो आरपीएफ वाले बता सकते हैं

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सहायक आयुक्त उत्पाद प्रियरंजन

इस संबंध में जब गया जिला के सहायक आयुक्त उत्पाद प्रिय रंजन से जानना चाहा कि आखिर गया जंक्शन के आरपीएफ के लोग देसी शराब पकड़ते हैं तो आपके थाना में कांड दर्ज कराते हैं लेकिन विदेशी शराब जब पकड़ते हैं तो आपके थाना में कांड दर्ज नहीं करवाकर गया रेल थाना में क्यों दर्ज कराते है? क्या दोनों तरह के शराब के मामले में अलग अलग कानून है? इस पर उन्होंने कहा ऐसी कोई बात नहीं। आरपीएफ ऐसा क्यों करते हैं, ये तो वही बेहतर बता सकते हैं। इसके बाद इन्होंने इससे ज्यादा कुछ नहीं कहा।

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