देवब्रत मंडल

12 जुलाई को आगरा कैंट स्टेशन पर डिप्टी एसएस और आरपीएफ के बीच घटित हुई घटना को लेकर एक ओर जहां भारतीय रेल में एक तूफान खड़ा हो गया है तो इसी बीच पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल ने टिकट जांच (Ticket Checking) के दौरान रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की भूमिका को लेकर नया निर्देश जारी किया है। 14 जुलाई 2026 को जारी पत्र में रेलवे बोर्ड के निर्देशों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया गया है कि यात्रियों के टिकट की जांच और अतिरिक्त किराया (Excess Charge) वसूलने का अधिकार केवल रेलवे के वाणिज्य (Commercial) विभाग के टिकट जांच कर्मचारियों के पास होगा। RPF कर्मी अपने स्तर पर टिकट जांच नहीं करेंगे। सहायक वाणिज्य प्रबंधक(एसीएम), वाराणसी द्वारा जारी पत्र में सभी ड्यूटी पर तैनात टीटीई, स्लीपर रोड, आईसीपी सहित संबंधित कर्मचारियों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा गया है।
पत्र की प्रमुख बातें
# भारतीय रेलवे कमर्शियल मैनुअल (IRCM) के अनुसार टिकट जांच और अतिरिक्त किराया वसूलने का अधिकार केवल टिकट जांच स्टाफ को है।
# RPF अपने स्तर पर यात्रियों के टिकट की जांच नहीं करेगी।
# रेलवे अधिनियम की धारा 137 और 138 के तहत बिना टिकट अथवा अनियमित यात्रा करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई टिकट जांच स्टाफ की रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।
# रेलवे अधिनियम की धारा 179(2) के तहत ASI या उससे ऊपर के रैंक के RPF अधिकारी आवश्यक परिस्थितियों में बिना वारंट गिरफ्तारी कर सकते हैं, लेकिन यह कार्रवाई टिकट जांच स्टाफ के उचित अनुरोध पर ही होगी।
# रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि RPF केवल वाणिज्य विभाग को टिकट जांच अभियान में सुरक्षा और आवश्यक सहयोग प्रदान करेगी, स्वयं टिकट जांच नहीं करेगी।
# किसी अपराध, भगदड़ या अन्य कानून-व्यवस्था की स्थिति को छोड़कर चलती ट्रेनों में नियमित टिकट जांच अभियान में RPF कर्मियों को शामिल नहीं किया जाएगा।
# त्योहारों और अत्यधिक भीड़ के दौरान सुरक्षा कारणों से बड़े टिकट जांच अभियानों से बचने की सलाह भी दी गई है।
यात्री सुरक्षा और समन्वय पर जोर
पत्र में सभी कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि वे ड्यूटी के दौरान इन नियमों का पूर्ण पालन करें तथा RPF और वाणिज्य विभाग के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखें, ताकि रेल संचालन और यात्री सुरक्षा प्रभावित न हो।
ध्यातव्य:यह आदेश रेलवे बोर्ड के पूर्व में जारी डायरेक्टिव नंबर 38 तथा 19 सितंबर 2017 के स्पष्टीकरण पत्र के अनुपालन में जारी किया गया है।
