देवब्रत मंडल

गया रेल थाना क्षेत्र अंतर्गत हावड़ा-बीकानेर जोधपुर एक्सप्रेस में सफर कर रहे यात्री धनञ्जय शास्वत से 21 नवंबर को सोना लूटकांड मामले में यह बातें साफ होती जा रही है कि इस कांड को अंजाम देने में किसकी-2 क्या भूमिका रही है। अबतक की जांच में एक बात साफ हो चुकी है लूटे गए ‘सोने के बार’ की कटाई एक सिविलियन आरोपी के चाकन्द स्थित वाटर प्लांट में हुई थी।
पूछताछ के दौरान विनोद ने कई अहम ‘राज’ उगले
इस मामले में जांच कर रही टीम ने गया सराफा बाजार के एक व्यवसायी विनोद बरनवाल को हिरासत में लिया था और उससे कई घन्टे पूछताछ की गई थी। हिरासत में लिए गए व्यवसायी विनोद से पुलिस ने करीब आठ घंटे तक गहन पूछताछ की। पूछताछ के दौरान विनोद कुमार ने कई अहम राज उगले हैं। जिससे इस मामले ने एक और नया मोड़ ले लिया हैएक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, विनोद ने पुलिस को दिए अपने बयान में कहा कि लूटे गए सोने को गया–चाकंद रोड स्थित एक वाटर प्लांट के अंदर काटा गया था। इस पूरी घटना में दो सिविलियन और कुछ जवानों की संलिप्तता भी सामने आ रही है।
सरकारी गवाह बने विनोद की भूमिका सीमित
सरकारी गवाह बने विनोद द्वारा दिए बयान के अनुसार, सोना लूटने के बाद सभी आरोपी उसे गया-चाकंद रोड पर स्थित एक वाटर प्लांट में ले गए या बुला लिए थे। वहीं सोने को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटा गया। ताकि उसे आपस में बांटा जा सके और पहचान से बचा जा सके। विनोद ने पुलिस को बताया है कि सोना कटवाने के बाद उसे छोड़ दिया गया था। उसने यह भी कहा कि इस पूरे घटनाक्रम में उसकी भूमिका सीमित थी और वह किसी के दबाव में आकर इस साजिश का हिस्सा बन गया।
लूटकांड को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया
विनोद कुमार के बयान से यह स्पष्ट हो रहा है कि सोना लूटकांड को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया। इसमें केवल बाहरी अपराधी ही नहीं, बल्कि कुछ ऐसे लोग भी शामिल थे, जिन पर कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी होती है। दो सिविलियन और जवानों की भूमिका सामने आने के बाद पुलिस महकमे में भी हलचल तेज हो गई है। अब विनोद के इस प्रकार के बयान के साथ ही लूटकांड मामले में जांच का दायरा और विस्तृत कर दिया गया है।
निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले तथ्यों और सबूतों की बारीकी से जांच
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले को लेकर पटना मुख्यालय के रेल डीएसपी भास्कर रंजन ने कहा है कि पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि विनोद कुमार का बयान कोर्ट में दर्ज करा लिया गया है और उसे छोड़ दिया गया है। पुलिस किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों और सबूतों की बारीकी से जांच कर रही है। सोना काटने और बांटने की बात सामने आने के बाद पुलिस अब गया-चाकंद रोड स्थित वाटर प्लांट में और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और आसपास और संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है। आने वाले दिनों में इस सोना लूटकांड से जुड़े और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।
