
गया/फतेहपुर (मगध लाइव डेस्क)। बिहार में शुक्रवार को मौसम का मिजाज बदलने से जहां एक तरफ लोगों को चिलचिलाती गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी तरफ इस पहली बारिश ने रेलवे के परिचालन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। धनबाद रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले गुरपा-दिलवा रेल स्टेशन के बीच भारी बारिश के कारण ट्रैक पर अत्यधिक फिसलन हो गई। इसके चलते इस रूट पर ट्रेनों की रफ्तार थम गई। पहले दुरंतो एक्सप्रेस ट्रैक पर फंसी और उसके बाद एक मालगाड़ी के इंजन ने भी जवाब दे दिया, जिससे डाउन रेलखंड पर घंटों परिचालन बाधित रहा।
भारी फिसलन से फेल हुआ दुरंतो एक्सप्रेस का इंजन

रेलवे सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार सुबह करीब 8:20 बजे डाउन लाइन पर बसकटवा होम सिग्नल के पास दुरंतो एक्सप्रेस का इंजन अचानक फेल हो गया। बताया जा रहा है कि लगातार हो रही बारिश की वजह से पहाड़ी ट्रैक पर इतनी ज्यादा फिसलन थी कि इंजन पूरी क्षमता के साथ ट्रेन को आगे नहीं खींच पा रहा था।
लोको पायलट ने तुरंत इसकी सूचना रेलवे कंट्रोल रूम को दी, जिसके बाद सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए डाउन लाइन पर ट्रेनों का आवागमन रोक दिया गया। बाद में गझंडी स्टेशन से एक अतिरिक्त इंजन (रेस्क्यू इंजन) भेजा गया, जिसे दुरंतो में जोड़कर काफी मशक्कत के बाद ट्रेन को आगे रवाना किया जा सका।
मालगाड़ी भी हुई बेपटरी होने से बाल-बाल बची, थमे रहे पहिए
दुरंतो एक्सप्रेस का मामला अभी सुलझा ही था कि कुछ देर बाद बसकटवा के पास ही (पोल संख्या 416/26) एक मालगाड़ी का इंजन भी फेल हो गया। यह मालगाड़ी पूरी तरह लोड थी, जिसके कारण चढ़ाई पर फिसलन ने इसकी मुश्किलें और बढ़ा दीं। लगभग दो घंटे के इंतजार के बाद गुरपा स्टेशन से दूसरा इंजन भेजकर मालगाड़ी को ट्रैक से हटाने और रूट क्लियर करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
वंदे भारत और जनशताब्दी समेत ये ट्रेनें रहीं प्रभावित

इस घाट सेक्शन में परिचालन ठप होने का असर कई वीआईपी और एक्सप्रेस ट्रेनों पर पड़ा। रूट बाधित होने के कारण वंदे भारत एक्सप्रेस को टनकुप्पा स्टेशन पर रोकना पड़ा। पटना-रांची जनशताब्दी एक्सप्रेस पहाड़पुर स्टेशन पर घंटों खड़ी रही। अजमेर-सियालदह एक्सप्रेस को गुरपा स्टेशन पर रोककर रखा गया।
ट्रेनों के इस तरह अलग-अलग स्टेशनों पर फंसे होने के कारण रेल यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
पहाड़ी और चढ़ाई वाला क्षेत्र होने से आती है दिक्कत: स्टेशन अधीक्षक
इस मामले पर गुरपा स्टेशन अधीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि बारिश के मौसम में इस खास ट्रैक पर फिसलन काफी बढ़ जाती है। गुरपा-गझंडी घाट सेक्शन पूरी तरह से पहाड़ी और चढ़ाई वाला रूट है। ऐसे में जब पटरियों पर पानी और नमी के कारण फिसलन होती है, तो भारी ट्रेनों को खींचने में इंजन के पहिए स्लिप करने लगते हैं।
रेलवे ने जारी की एडवाइजरी
मौसम के मिजाज और भौगोलिक स्थिति को देखते हुए रेल प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। घाट सेक्शन में सुरक्षित रेल परिचालन सुनिश्चित करने के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की गई है। सभी लोको पायलटों (ट्रेन ड्राइवरों) को निर्देश दिया गया है कि वे इस पहाड़ी क्षेत्र से गुजरते समय विशेष सावधानी बरतें और गति सीमा का कड़ाई से पालन करें।
ताजा समाचार मिलने तक डाउन रेलखंड पर परिचालन को पूरी तरह सामान्य करने के प्रयास जारी थे और प्रभावित ट्रेनों को धीरे-धीरे उनके गंतव्य की ओर रवाना किया जा रहा था।
