देवब्रत मंडल

12 जुलाई 2026 को आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर ऑन ड्यूटी उप स्टेशन अधीक्षक के साथ रेल सुरक्षा बल द्वारा मारपीट की घटना को ईस्ट सेंट्रल रेलवे कर्मचारी यूनियन निंदा करता है एवं दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की मांग करता है। कामरेड मिथिलेश कुमार केंद्रीय कोषाध्यक्ष ईस्ट सेंट्रल रेलवे कर्मचारी यूनियन हाजीपुर सह केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन नई दिल्ली ने कहा कि आगरा कैंट की घटना काफी दुर्भाग्यपूर्ण ,रेलवे के इतिहास में काला अध्याय एवं रेलवे की छवि को खराब करने की कोशिश है।

इस घटना के विरोध में गया जंक्शन के स्टेशन प्रबंधक एवं उप अधीक्षक ने काला बिल्ला लगाकर अपना विरोध जताया है। इन रेलकर्मियों ने कहा कि ट्रेनों की सुरक्षित परिचालन के लिए तैनात रेलकर्मी खासकर रेलवे की ‘रीढ़ की हड्डी’ कहे जाने वाली कैंडर स्टेशन मास्टर संवर्ग के साथ विगत दिनों आगरा कैंट स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा हेतु कदम उठाने के बावजूद वर्दी के नशा में चूर आरपीएफ स्टाफ द्वारा उप स्टेशन अधीक्षक के साथ अमानवीय तरीके से यात्रियों के समक्ष दुर्व्यवहार ,प्लेटफार्म पर घसीटा जाना, जबरदस्ती आरपीएफ ऑफिस ले जाना, उच्च अधिकारियों की बात नहीं मानना यह सब क्या दर्शाता है ? रेलवे की छवि को खराब करना और कुछ नहीं। कानून के रक्षक ही जब भक्षक बन जाए तब फिर कानून का अनुपालन कौन कराए। पीड़ित उप स्टेशन अधीक्षक, कर्मचारी यूनियन द्वारा विरोध एवं स्थानीय सांसद द्वारा डांट फटकार के बाद प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करना जीआरपी ,आगरा कैंट की कार्य शैली पर भी प्रश्न चिन्ह उठाता है। स्थानीय स्तर पर वहां का यूनियन जब डीआरएम ऑफिस एवं आवास का घेराव करता है तथा आरपीएफ कार्यालय आगरा कैंट के समक्ष विरोध प्रदर्शन एवं नारेबाजी करती है तथा जीआरपी पर दबाव बनाती है तब कहीं जाकर एफ आइ आर दर्ज किया जाता है काफी दुर्भाग्यपूर्ण है जब वहां कार्यरत उप स्टेशन अधीक्षक को इतना संघर्ष करना पड़ा तब आम आदमी को न्याय कैसे मिलेगा सोचने का विषय है।
ईस्ट सेंट्रल रेलवे कर्मचारी यूनियन पीड़ित उप स्टेशन अधीक्षक के साथ घटित घटना के विरुद्ध वहां के यूनियन उत्तर मध्य रेल मेंस यूनियन(NCRMU) के साथ लगातार संपर्क में रहते हुए समन्वय बनाकर दोषियों के विरुद्ध कठोर से कठोर करवाई की मांग को उच्च स्तर पर पहुंचा कर दोषियों को पद मुक्त करने की मांग रखी है।
