देवब्रत मंडल

सैटेलाइट टाउनशिप की घोषणा से जमीन खरीद-बिक्री की रफ्तार घटी, निबंधन स्लॉट 124 पर पहुंचे
गया, 2 मई 2026
गया जिला अवर निबंधन कार्यालय में अत्याधुनिक सुविधाओं के लिए उन्नयन कार्य जारी है। लेकिन इसी बीच कार्यालय की एक बदहाल तस्वीर सामने आई है। यहां क्रेता-विक्रेता और गवाहों की फोटोग्राफी के लिए लगा कैमरा लकड़ी की पट्टी और सुतली के सहारे बांधा गया है।
सैटेलाइट टाउनशिप की घोषणा का असर, भीड़ घटी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा गया समेत कई शहरों को सैटेलाइट टाउनशिप में बदलने की घोषणा के बाद जमीनों की खरीद-बिक्री की रफ्तार काफी धीमी पड़ गई है। पहले जहां कार्यालय में रोज भारी भीड़ रहती थी, अब उसमें काफी कमी आई है।
शनिवार को ‘मगध लाइव’ की टीम कार्यालय पहुंची तो पता चला कि निबंधन के लिए कुल 124 स्लॉट मिले हैं। इनमें एक विवाह निबंधन भी शामिल है।

सुतली से बंधा कैमरा, जिम्मेदार कौन?
बिहार सरकार को सीधा राजस्व देने वाले इस कार्यालय के फोटो काउंटर का नजारा हैरान करने वाला था। जिस विंडो पर क्रेता, विक्रेता, गवाह और पहचानकर्ता की फोटोग्राफी होती है, वहां कैमरे को लकड़ी की पट्टी के सहारे सुतली से बांधकर रखा गया था।
कर्मचारी उसी जुगाड़ से कैमरे का लेंस लोगों के चेहरे के सामने सेट कर फोटो खींच रहे थे। सवाल यह है कि उन्नयन के दौर में इस बदहाल व्यवस्था के लिए जिम्मेदार कौन है?
बैठने की व्यवस्था ठीक, पंखे भी चल रहे
हालांकि कार्यालय में बैठने की व्यवस्था ठीक-ठाक मिली। लगे हुए पंखे भी चल रहे थे, जिससे जमीन खरीद-बिक्री के लिए आए लोगों को गर्मी से राहत मिल रही थी। काउंटर पर बैठे कर्मचारी अपनी ड्यूटी निभा रहे थे। आम लोगों को भी कैमरे की इस हालत से ज्यादा मतलब नहीं था, उनका मकसद सिर्फ काम पूरा कराना था।
अब देखना होगा कि अत्याधुनिक सुविधाओं के दावे के बीच इस तरह की लचर व्यवस्था पर विभाग कब संज्ञान लेता है।
