देवब्रत मंडल

आसनसोल-वाराणसी मेमू ट्रेन से लकड़ियों के अवैध परिवहन का मामला सामने आने के बाद अब गया जंक्शन से डीडीयू जंक्शन के लिए चलने वाली गया-डीडीयू पैसेंजर ट्रेन में लकड़ी की ढुलाई किए जाने का एक मामला सामने आया है। एक दैनिक यात्री ने मगध लाइव को एक ताजी तस्वीर शनिवार को उपलब्ध कराते हुए बताया कि इस ट्रेन से भी लकड़ियों का अवैध परिवहन किया जाता है।
यात्रियों की इस तरह की परेशानी को देखने वाले कोई नहीं
गया जंक्शन से शनिवार की शाम 19:24 बजे 63295 गया-डीडीयू सवारी गाड़ी खुली थी। जिस कोच में दैनिक यात्री सफर कर रहे थे, उन्हें लकड़ी के गट्ठर के कारण परेशानी हुई तो अन्य कई यात्रियों ने बताया कि ये तो रोज होता है। दैनिक यात्रियों का कहना है कि इसे देखने वाला कोई नहीं। यात्री किसी(लकड़ी की ढुलाई करने वाले लोगों) से मुंह लगाना उचित नहीं समझते हैं।
04 फरवरी का वायरल वीडियो को लोग नहीं भूले होंगे
बता दें कि 04 फरवरी को धनबाद रेल मंडल अंतर्गत पहाड़पुर स्टेशन पर लकड़ियों के कई बंडल(गट्ठर) रेल पटरियों से लेकर पूरे प्लेटफॉर्म पर बिखरे पड़े हुए थे और कई लोग लकड़ियों के गट्ठरों को रेलवे लाइन पार कर प्लेटफॉर्म पर रख रहे थे, इसी बीच तेज गति से आ रही दूसरी ट्रेन के पहिये से टकरा कर लकड़ी दूर जाती है और एक महिला को जा लगता है। जिससे महिला घायल हो जाती है। इसका वीडियो वायरल हुआ।
कई बार ऐसे किस्से सामने आ चुके हैं
इसके पहले भी इस ट्रेन से लकड़ियों के अवैध परिवहन के कई फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। यात्रियों को कितनी परेशानी होती है, इसे लेकर मगध लाइव ने रिपोर्ट बनाकर रेल प्रशासन का इस पर ध्यान आकृष्ट किया। इसके कुछ दिन बाद लकड़ियों के अवैध परिवहन को लेकर कार्रवाई आरपीएफ के द्वारा की गई। बरामद लकड़ियों को वन विभाग के हवाले कर दिया जाता है लेकिन यह धंधा बदस्तूर जारी है।
मगध लाइव सुधि पाठकों का आभार प्रकट करता है
मगध लाइव के सुधी पाठकों को हमारी टीम की तरफ से बधाई जो इस गंभीर मुद्दे को लेकर सजगता से साथ दे रहे हैं। एक पाठक ने बताया कि 12801 अप पूरी-नई दिल्ली पुरुषोत्तम एक्सप्रेस से भी लकड़ियों के अवैध परिवहन होते हुए देखा है। इसके अलावा हरी सब्जियों के भी अवैध तरीके से परिवहन किए जाने का मामला सामने आ चुका है लेकिन इस पर भी अंकुश नहीं लग रहा है। बताया जा रहा है कि इस अवैध परिवहन के पीछे एक बड़ा नेटवर्क कार्य करता है।
