देवब्रत मंडल

पूर्व मध्य रेल के धनबाद रेल मंडल अंतर्गत गया-धनबाद जंक्शन के बीच चल रही ट्रेनों में सामग्री बेचने वाले लाइसेंसी वेंडरों को अवैध वेंडरों द्वारा चलती ट्रेन से फेंक दिए जाने की धमकियां मिल रही है। इसके साथ साथ इनके सामान और मोबाइल छीन लेने, मारपीट करने जैसी शिकायत रेल मंत्रालय एवं सेंट्रल रेलवे में आरपीएफ तक की गई है। वहीं लाइसेंसी वेंडर्स की शिकायत रेल मंत्रालय के साथ साथ धनबाद मंडल प्रबंधक तक पहुंचने के बाद डीआरएम धनबाद ने धनबाद मंडल के आरपीएफ अधिकारी को इस संबंध में अग्रेतर कार्रवाही के लिए वेंडरों की शिकायत प्रेषित किया है। इन सभी के एक्स हैंडल पर मेसर्स एस. एस. इंटरप्राइजेज के मालिक ने इसकी शिकायत दर्ज कराई है।
इन्होंने अपनी शिकायत में कहा है कि अवैध वेंडर और अवैध वेंडरों के ठीकेदार द्वारा उनके लाइसेंसी वेंडरों से गुंडागर्दी कर रहे हैं। उनके मोबाइल और सामान छीन लेते हैं और कहते हैं कि इस सेक्शन(गया-धनबाद) में दिखाई नहीं देना, नहीं तो जान से मार देंगे।

एस.एस. इंटरप्राइजेज ने कहा है कि उन्हें इस रेलखंड पर विभिन्न ट्रेनों में 25 वेंडरों को सामग्री बेचने का काम दिया गया है। जबकि अवैध वेंडर और इनके ठीकेदार उनके कर्मचारियों को सामग्रियों को बेचने से मना करते हैं। मारपीट और सामान तक छीन ले रहे हैं। यहां तक कि चलती ट्रेन से फेंक दिए जाने की धमकियां मिल रही है।
बता दें कि एसएस इंटरप्राइजेज, इटारसी के 25 वेंडर्स जो अपने कंपनी के आई. कार्ड के साथ 3 सितंबर से धनबाद रेल मंडल के सीनियर डीसीएम के आदेश पर सामग्रियों को बेचने के लिए गया-धनबाद स्टेशनों के बीच कर आना जाना कर रहे हैं। शिकायत दर्ज कराते हुए अवैध वेंडर्स के कुछ वीडियो भी रेल मंत्रालय और संबंधित अधिकारियों को भेजा गया है। ऐसे में अवैध वेंडर और इनके ठीकेदार को कहां से संरक्षण मिल रहा है, ये भी जांच का विषय है।

RPF or GRP ke through basuli kisse karenge iligile vendor se hi inlogo ko pet bharta hai payememt se pet nahi bharta hai sir jee