सोना लूटकांड: पीड़ित यात्री का बयान इस केस का अहम पहलू साबित हो सकता है, थानाध्यक्ष सहित छः पुलिसकर्मी निलंबित

Deobarat Mandal

देवब्रत मंडल

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जीआरपी थाने, गया जंक्शन

गया रेल थाना में दर्ज सोना लूटकांड में अबतक जहां कांड के वादी ही प्रतिवादी बन गए हैं, जो न्याययिक हिरासत में हैं। वहीं, अब इस केस में पीड़ित यात्री का बयान काफी मायने रखता है। जो इस केस का अहम पहलू माना जा रहा है। रेल थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह, कांड के आईओ के अलावा चार सिपाहियों को इस केस में निलंबित कर दिया गया है। कांड संख्या 334/25 में अबतक की हुई जांच में पीड़ित यात्री से वरीय पुलिस पदाधिकारी पूछताछ कर चुके है।

निलंबित चारों सिपाही और दो सिविलियन फरार चल रहे

जबकि दो सिविलियन तथा चार सिपाहियों की खबर लिखे जाने तक फरार चल रहे हैं। जिनके तलाश में रेल पुलिस के अधिकारी के नेतृत्व में गठित विशेष टीम गुप्त सूचना के आधार पर जगह जगह पर छापेमारी कर रहे हैं।

सोना अबतक बरामद नहीं, जोधपुर एक्सप्रेस की घटना

पुलिस सूत्रों एवं वरीय अधिवक्ताओं की मानें तो पीड़ित यात्री धनञ्जय शास्वत का स्वीकारोक्ति बयान काफी मायने रख रहा है। इसके बयान पर ही कांड की जांच सही दिशा में आगे बढ़ सकती है। बता दें कि इस कांड का सूचक धनञ्जय शाश्वत नामक व्यक्ति बिहार का ही रहने वाला है। जिसके साथ 21.11.2025 को हावड़ा-बीकानेर जोधपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस में कथित तौर पर करीब एक किलोग्राम सोना की लूट हुई थी। जो अबतक बरामद नहीं हो पाने की खबर है।

स्वर्ण व्यवसायी अपने ही कर्मचारी पर जता चुके हैं आशंका

दर्ज कांड के अनुसार धनञ्जय शास्वत जिस सोने के व्यापारी मनोज सोनी का सोना लेकर 20 नवंबर 2025 को हावड़ा से जयपुर के लिए चला था। इस बीच गया रेल थाना क्षेत्र अंतर्गत धनञ्जय शाश्वत के साथ कथित लूट की घटना 21.11.2025 को हुई। जिसने अपने मालिक मनोज सोनी(स्वर्ण व्यवसायी) को सूचना दी उसके साथ कुछ पुलिस वालों ने मारपीट की और एक किलोग्राम सोना लूट लिया है। मनोज सोनी ने अपने इस कर्मचारी पर ही शंका जाहिर करते हुए एक आवेदन स्थानीय थाना प्रभारी को दी थी।

वरीय रेल पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर दर्ज हुआ मुकदमा

इसके बाद मनोज सोनी ने खगड़िया के सांसद को सारी बातें बताई। तब जाकर इस मामले में वरीय रेल पुलिस अधीक्षक डॉ इनामुल हक़ के निर्देश पर गया रेल थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने अपने बयान पर कांड संख्या 334/25 दर्ज करते हुए कांड की जांच का जिम्मा अवर निरीक्षक वीरेंद्र प्रसाद को दिया। लेकिन श्री प्रसाद पर कांड में लीपापोती करने के मामले सामने आने पर इन्हें भी निलंबित कर दिया।

थानाध्यक्ष, आईओ सहित चार सिपाही हो चुके हैं निलंबित

इस मामले में थानाध्यक्ष, कांड के आईओ सहित चार सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है। अब इस कांड की जांच पटना रेल पुलिस मुख्यालय के एक डीएसपी कर रहे हैं। अब इस कांड में न्यायालय में पीड़ित व्यक्ति धनञ्जय शाश्वत का बयान मायने रखता है।

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