देवब्रत मंडल

गया जंक्शन के रिज़र्वेशन टिकट काउंटर के पास से गिरफ्तार कथित टिकट दलाल अमर कुमार के पास से एक मोबाईल और स्कूटी भी जब्त की गई है। जब्त स्कूटी के रजिस्ट्रेशन नंबर की पड़ताल जब magadhlive ने की तो पता चला स्कूटी एक महिला के नाम पर खरीदारी की गई है। जिनसे हमारी टीम ने बात की। बातचीत में महिला ने बताया कि अमर जिस स्कूटी से चलता है वो वो हमारी है।
स्कूटी मालकिन ने बताया अमर हमारा फ्रेंड है
जब पूछा गया कि अमर आपका ब्लड रिलेशन में है तो उन्होंने बताया कि नहीं। वो मेरा फ्रेंड है। आगे चलकर जब उनसे पूछा गया कि आप कब से उन्हें अपनी स्कूटी चलाने के लिए दी हैं तो उन्होंने बताया कि इधर दो चार दिन पहले ही चलाने के लिए दी हूं। हमारी टीम ने उनसे जानना चाहा कि अमर तो गया जी शहर के जनता कॉलोनी, बैरागी तो रह रहे हैं और वे मूल निवासी गुरारू के हैं तो महिला ने बताया कि मैं भी उसी मोहल्ले में रहती हूं। उन्होंने बताया कि गया जी मेयर के घर के आसपास ही हम भी किराए पर रहते हैं।
पटना की रहने वाली स्कूटी मालकिन हैं टीचर
आगे उन से जब जानकारी प्राप्त करना चाहा कि आप क्या करती हैं तो उन्होंने बताया कि हम टीचर का जॉब करते हैं और पटना की रहने वाली हूं। आज छुट्टी का दिन है तो अभी पटना आ गई हूं। आगे वो जानना चाहीं कि क्या कुछ हुआ है क्या? तब उन्हें जानकारी दी गई कि आपकी स्कूटी के साथ अमर गया जंक्शन पर पकड़ा गया है। इसके बाद वो आगे और कोई सवाल नहीं कीं।
स्कूटी मालकिन भी जनता कॉलोनी, बैरागी में रहती हैं
बता दें 19 मार्च को अमर की गिरफ्तारी कथित टिकट दलाल के आरोप में हुई है। जो कि आरपीएफ को पूछताछ में बताया है कि वह मूलरूप से गया जिले के गुरारू का रहनेवाला है। फिलहाल गया जी शहर के जनता कॉलोनी, बैरागी मोहल्ले में पम्मी कुमारी पति राजेश कुमार के घर में किरायेदार के रूप में रह रहा है। जिस किराए के मकान में अमर रहता है वह बिक्री पर है।
अमर की गिरफ्तारी के बाद चर्चाओं का बाजार गर्म
अब सवाल यहां यह उठ रहा है कि अमर और स्कूटी मालकिन के बीच दोस्ती का रिश्ता है और दोनों एक ही मोहल्ले में रह रहे हैं। स्कूटी मालकिन अपने को शिक्षिका बता रही हैं। इधर अमर की गिरफ्तारी की सूचना के बाद मोहल्ले में कई तरह की चर्चाएं हो रही है। एक ने अपना पहचान गुप्त रखने की शर्त पर बताया कि अमर के पिता कपड़े बेचने का काम करते हैं जो पकड़े जाने पर बताया है वो अपने पिताजी का टिकट लेने के लिए गया जंक्शन के रिज़र्वेशन काउंटर पर आया था और उसके पास किसी दूसरे का टिकट जब्त किया गया था।
जब्त मोबाइल के सीडीआर अहम हिस्सा
इस कांड की जांच में आगे चलकर कई और खुलासे होने से इनकार नहीं किया जा सकता है। अब तो बरामद मोबाइल का सीडीआर तय करेगा कि अमर के साथ किसकी-किसकी और कब-कब और कितनी देर बात हुई थी। बहरहाल अमर के तार किस ट्रेवल एजेंट्स से जुड़े हैं जांच के बाद ही पता चल पाएगा।
