वाशिंग पिट लाइन पर महाबोधि एक्सप्रेस में बेच दी जाती है सीट भी, यही से कुछ लोग बोगी में हो जाते हैं सवार
देवब्रत मंडल

नई दिल्ली-गया महाबोधि एक्सप्रेस से हर दिन भारी मात्रा में शराब की तस्करी की जाती है। इन वेंडरों के मार्फत गया में सक्रिय शराब मक़फ़ियाओ तक शराब पहुंचाई जा रही है। इस तरह की सूचना रेल पुलिस की एक विशेष टीम को मिल रही थी। इस बात की सूचना कंट्रोल द्वारा यहां के पदाधिकारियों को मिली। इसके बाद वाशिंग पिट लाइन पर जीआरपी और आरपीएफ ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए तीन वेंडरों को शराब की खेप के साथ पकड़ने में सफल रही।
पकड़े गए वेंडर महाबोधि एक्सप्रेस से लेकर आए थे शराब
पकड़े गए वेंडर संविदा पर काम करते हैं। जिन्हें ठीकेदार द्वारा काफी कम मजदूरी दी जाती है तो ऐसे में शराब लाकर अपनी कमी को पूरी करते हैं। इस धंधे में कई लोग शामिल हैं। शुक्रवार की सुबह तीन वेंडरों को 18 लीटर अंग्रेजी शराब के साथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार वेंडरों की पहचान दीपक कुमार, गोरेलाल कुमार और सुभाष कुमार के रूप में हुई है, जो महाबोधी एक्सप्रेस में वेंडर के रूप में काम करते हैं।
कई कोच अटेंडेंट भी इस धंधे में हैं शामिल
वहीं जानकारी प्राप्त हुई है कि इस ट्रेन के अलावा कुछ और ट्रेन में वेंडर के अलावा कोच अटेंडेंट का काम कर रहे लोग भी इस धंधे में लिप्त हैं। जो कम मजदूरी मिलने या समय से मानदेय नहीं मिलने के कारण नई दिल्ली से शराब लेकर गया तक आते हैं। जिसे ऊंची कीमत पर यहां बेच दिया करते हैं। ये धंधा बदस्तूर जारी है।
वाशिंग पिट लाइन पर ही बेच दी जाती है सीट
वहीं गया से प्रतिदिन खुलने वाली महाबोधि एक्सप्रेस में वाशिंग पिट लाइन पर लगे इसके बोगियों में रुपए लेकर यात्रियों को बिठाया जाता है। यहां से ट्रेन जब प्लेटफॉर्म के प्लेसिंग की जाती है तो ऐसे यात्रियों को सीट के नीचे छिपा दिया जाता है और जैसे ही प्लेटफॉर्म पर रेक पहुंचती है तो अपनी सीट पर आ जाते हैं। इसके लिए भी अवैध वसूली का खेल चलता है।
बरामद शराब के विवरण:
- कुल 18 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद
- कीमत: 19850 रुपये
कानूनी कार्रवाई:
- रेल थानाध्यक्ष शिव कुमार यादव ने बताया कि इस मामले में जीआरपी थाना गया में कांड संख्या 86/2026 दिनांक 27.03.2026 अन्तर्गत धारा 30(ए) बिहार मघ निषेध अधिनियम पंजीकृत किया गया है।
- आरपीएफ एवं जीआरपी की टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की, जिसमें उनि जावेद एकबाल, प्रधान आरक्षी विवेकानंद शर्मा, आरक्षी राकेश कुमार सिंह, आरक्षी शशी शेखर, आरक्षी अमीत कुमार और आरक्षी देवेन्द्र प्रसाद आदि शामिल थे।
