गया ब्यूरो | देवब्रत मण्डल
पूर्व मध्य रेल के डी.डी.यू. मंडल के अंतर्गत गया रेलवे स्टेशन की सुरक्षा को लेकर आज एक अभूतपूर्व चौकसी देखने को मिली। राष्ट्रीय दृष्टिकोण से अति-संवेदनशील माने जाने वाले इस स्टेशन पर संभावित आतंकवादी खतरों और किसी भी आपातकालीन आपदा से निपटने के लिए देश की दिग्गज सुरक्षा एजेंसियों ने एक साथ मिलकर ‘संयुक्त सुरक्षा रैकी’ की। इस हाई-प्रोफाइल मिशन का उद्देश्य गया जंक्शन के सुरक्षा घेरे को इतना मजबूत बनाना है कि परिंदा भी पर न मार सके।

NSG और IB के साथ रणनीतिक तालमेल
सुरक्षा के इस विशेष अभियान में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) के कमांडो, इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के जासूस और ए.टी.एस. (ATS) की तकनीकी टीम ने रेलवे सुरक्षा बल और जी.आर.पी. के साथ मिलकर घंटों तक स्टेशन के चप्पे-चप्पे को खंगाला। कमांडरों और खुफिया अधिकारियों के बीच इस बात पर विस्तृत चर्चा हुई कि यदि कोई आतंकी गतिविधि या बड़ी आपदा आती है, तो बिना समय गंवाए सभी एजेंसियां एक-दूसरे के साथ सूचना साझा करते हुए कैसे जवाबी हमला या बचाव कार्य करेंगी।
संवेदनशील गलियारों का सघन फिजिकल वेरिफिकेशन
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों की टीम ने केवल कागजों पर ही नहीं, बल्कि जमीन पर उतरकर स्टेशन के प्रवेश और निकास द्वारों, भीड़-भाड़ वाले टिकट काउंटरों, पार्सल यार्ड और पार्किंग क्षेत्रों का सूक्ष्म निरीक्षण किया। प्लेटफार्मों से लेकर फुट ओवर ब्रिज तक की निगरानी क्षमता को परखा गया और आपातकालीन निकासी मार्गों की उपयोगिता सुनिश्चित की गई। तकनीकी मोर्चे पर सीसीटीवी कैमरों की पहुंच और बैगेज स्कैनिंग सिस्टम की सटीकता का भी गहन परीक्षण किया गया ताकि किसी भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति की पहचान तत्काल हो सके।
सुरक्षा दिग्गजों की मौजूदगी में बनी रणनीति

इस महत्वपूर्ण सुरक्षा कवायद का नेतृत्व एनएसजी कमांडर मुदन्ग बिडा और सहायक कमांडर वी. के. प्रसाद ने किया। उनके साथ आरपीएफ गया के निरीक्षक प्रभारी बनारसी यादव, आईबी के निरीक्षक विजय ठाकुर और एटीएस पटना के निरीक्षक मनोज कुमार राय जैसे अनुभवी अधिकारी शामिल रहे। इसके अलावा अपराध आसुचना शाखा के निरीक्षक चंदन कुमार, जीआरपी थानाध्यक्ष शिवकुमार और एटीएस गया के उप-निरीक्षक जीशान अशरफ सहित भारी संख्या में सुरक्षा बलों ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया।
यात्री सुरक्षा और रेलवे संपत्ति पर फोकस
इस पूरी कवायद का मूल मंत्र ‘प्रभावी समन्वय’ रहा। वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, गया जंक्शन जैसे महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान पर सुरक्षा बलों की तैनाती और उनकी त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को हर समय टॉप गियर में रखना अनिवार्य है। आज की इस संयुक्त कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी विषम परिस्थिति में यात्रियों की जान और रेलवे की संपत्ति की रक्षा के लिए सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह मुस्तैद और संगठित हैं।
