देवब्रत मंडल

बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के बावजूद शराब तस्करी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। अब तस्करों ने एक नया तरीका अपनाया है—ट्रेनों के जरिए शराब की सप्लाई। हाल ही में सामने आई एक घटना ने रेलवे यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
30 मार्च 2026 को गाड़ी संख्या 22588 अमृत भारत एक्सप्रेस से जुड़ी एक खबर सोशल मीडिया, खासकर ट्विटर पर तेजी से वायरल हुई। इसमें दावा किया गया कि ट्रेन में शराब तस्करों का एक गिरोह सक्रिय है, जो न केवल भारी मात्रा में शराब की तस्करी कर रहा है, बल्कि यात्रियों को भी परेशान कर रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय रेल पुलिस उपाधीक्षक, पूर्वी, पटना के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी टीम गठित की गई। जांच के दौरान ट्रेन को बक्सर रेलवे स्टेशन से चेक किया गया और आगे सचिवालय हॉल्ट के पास जब गाड़ी पहुंची, तब एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ।
ट्रेन के जनरल कोच के बाथरूम में चार काले रंग के पिट्ठू बैग और एक कपड़े का थैला संदिग्ध अवस्था में रखा हुआ मिला। जब मौके पर मौजूद यात्रियों से इन बैग्स के बारे में पूछताछ की गई, तो किसी ने भी इन्हें अपना नहीं बताया।
इसके बाद सभी बैग्स को पटना जंक्शन पर उतारकर राजकीय रेल पुलिस द्वारा विधिवत तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान कुल 61.995 लीटर विदेशी शराब बरामद हुई, जिसे तुरंत जब्त कर लिया गया।
इस मामले में रेल थाना पटना जंक्शन में कांड संख्या 179/26 के तहत बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद संशोधित अधिनियम 2022 की धारा 30(a) के अंतर्गत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
सवाल जो उठते हैं
यह घटना कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े करती है:
क्या ट्रेनें अब तस्करों के लिए सुरक्षित मार्ग बन चुकी हैं?
यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या पर्याप्त कदम उठाए जा रहे हैं?
रेलवे और पुलिस की निगरानी व्यवस्था में कहाँ कमी रह रही है?
निष्कर्ष
अमृत भारत एक्सप्रेस में हुई यह घटना सिर्फ एक तस्करी का मामला नहीं है, बल्कि यह कानून व्यवस्था और यात्री सुरक्षा दोनों के लिए एक चेतावनी है। जरूरत है कि रेलवे और सुरक्षा एजेंसियां मिलकर ऐसे मामलों पर सख्ती से कार्रवाई करें और यात्रियों को सुरक्षित यात्रा का भरोसा दिलाएं।
जब तक ऐसी घटनाओं पर पूरी तरह लगाम नहीं लगती, तब तक आम यात्रियों के मन में डर और असुरक्षा बनी रहेगी।
वैसे गया जंक्शन से भी अमृत भारत एक्सप्रेस खुलती है और गया वापस आती है।
हाल ही में महाबोधि एक्सप्रेस से शराब ला रहे कुछ लोगों को पकड़ा गया था। जो कि बड़े सवाल खड़े करता है कि आखिर जब इस ट्रेन में शराब लाई जा रही है तो हो सकता है गया आने वाली कई और ट्रेनें शराब माफियाओं के लिए मुफीद है। हालांकि महाबोधि एक्स में हुई कार्रवाई पटना रेल पुलिस की एक विशेष टीम को मिली गुप्त सूचना के आधार पर की गई थी।
इधर, सूत्र बताते हैं इस धंधे में कई लोगों के जेब भी गर्म हो रहे हैं और खुलेआम दिल्ली, चेन्नई, आनंद विहार से आने वाली ट्रेनों के पैंट्री कार से लेकर बेडरॉल में लगाए गए कर्मचारी इस धंधे में शामिल हैं। सूत्र बताते हैं कि एक दो रेलकर्मी भी अपनी जरूरतों के अनुसार दिल्ली से शराब लेकर गया आते हैं।
