देवब्रत मंडल

अप्रैल 2026: राज्य सरकार ने नगर निकायों में सशक्त स्थायी समिति के सदस्यों के निर्वाचन को लेकर नई और स्पष्ट प्रक्रिया निर्धारित कर दी है। यह फैसला पारदर्शिता, निष्पक्षता और सुचारु संचालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है। जारी आदेश के अनुसार, सशक्त स्थायी समिति के सदस्यों का चुनाव अब गुप्त मतदान के जरिए कराया जाएगा, जिसकी निगरानी जिला पदाधिकारी (डीएम) द्वारा की जाएगी। चुनाव की तिथि राज्य सरकार तय करेगी और सभी वार्ड पार्षदों को इसकी सूचना समय पर दी जाएगी।
इसके पहले तक वार्ड पार्षद का नाम सशक्त स्थायी समिति के सदस्यों के रूप में चयन कर मनोनीत किया करते थे लेकिन अब ये नहीं चलेगा। जिसे वार्ड पार्षद चयन करेंगे और मतों की गिनती के बाद सर्वाधिक मत ले आते हैं तो वही इस सशक्त स्थायी समिति के सदस्य निर्वाचित माने जाएंगे। ऐसे में मेयर, मुख्य पार्षदों की एक प्रकार से मनमानी पर रोक लगा दी गई है।
निर्वाचन प्रक्रिया में प्रत्येक रिक्ति के लिए अलग-अलग मतदान होगा। उम्मीदवारों का नामांकन देवनागरी (हिंदी) लिपि में वर्णानुक्रम के अनुसार मतपत्र पर दर्ज किया जाएगा। मतदान समाप्त होते ही तुरंत मतगणना की जाएगी और सबसे अधिक मत पाने वाले उम्मीदवार को विजयी घोषित किया जाएगा।
चुनाव प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए वीडियोग्राफी अनिवार्य की गई है। साथ ही, सभी अभिलेखों को सुरक्षित रखने का निर्देश दिया गया है ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की जांच या न्यायिक प्रक्रिया में उनका उपयोग किया जा सके।
निर्वाचन संपन्न होने के बाद चुने गए सदस्यों को गोपनीयता की शपथ दिलाई जाएगी। पूरी प्रक्रिया एक ही दिन में बिना किसी विराम के संपन्न कराई जाएगी।
अगर किसी अपरिहार्य स्थिति में चुनाव को स्थगित करना पड़ता है, तो जिला पदाधिकारी कारण दर्ज करते हुए राज्य सरकार के निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई करेंगे।
राज्यपाल के आदेश से जारी इस अधिसूचना को स्थानीय निकायों में लोकतांत्रिक व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
