देवब्रत मंडल

दानापुर-डीडीयू, गया-डीडीयू और ग्रैंडकॉर्ड रेलखंड पर घटनाएं, जांच के आदेश
पूर्व मध्य रेल के कई रेलखंडों पर चलती ट्रेनों पर पत्थरबाजी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। तेजस राजधानी एक्सप्रेस और वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी प्रीमियम ट्रेनें भी पत्थरबाजों के निशाने पर हैं। हालांकि अब तक किसी यात्री को चोट नहीं आई है, लेकिन रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंच रहा है।
इन रूटों पर सबसे ज्यादा घटनाएं
पत्थरबाजी की घटनाएं मुख्य रूप से दानापुर-डीडीयू रेलखंड, धनबाद-गया ग्रैंडकॉर्ड रेलखंड और गया-डीडीयू रेलखंड पर सामने आ रही हैं। रेलवे सुरक्षा से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी इन घटनाओं से परेशान हैं।
सूत्रों के अनुसार, चिंता की बात यह भी है कि ऐसी घटनाओं की सही जानकारी संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों तक नहीं पहुंच पा रही है। नतीजतन, घटनाओं के बाद ट्रेनों के सुरक्षित संचालन से जुड़े विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं।
डीडीयू मंडल में ज्यादा मामले, जांच शुरू
एक वरिष्ठ रेल अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि ज्यादातर घटनाएं डीडीयू रेल मंडल के अंतर्गत हो रही हैं। इसकी जांच कराई जा रही है। लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही उन क्षेत्रों में तैनात कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच होगी कि आखिर पत्थरबाजी के पीछे असली वजह क्या है।
हाल की घटनाएं: तेजस से वंदे भारत तक
पिछले कुछ दिनों में तेजस राजधानी एक्सप्रेस, देवघर-वाराणसी वंदे भारत एक्सप्रेस और हावड़ा-खातीपुरा स्पेशल ट्रेन पर पत्थरबाजी हो चुकी है।
हालांकि इस प्रकार की घटनाएं यह पहली बार नहीं हुई है। वंदे भारत के ट्रायल रन के दौरान भी पत्थरबाजी हुई थी। गया-डीडीयू रेलखंड पर गुरारू-परैया स्टेशन के बीच प्रीमियम ट्रेन पर पत्थर फेंके गए थे, जिससे कई कोचों के शीशे टूट गए थे।
RPF ने नहीं की आधिकारिक पुष्टि
हाल की घटनाओं को लेकर रेलवे सुरक्षा बल के अधिकारी आधिकारिक तौर पर कुछ भी कहने से बच रहे हैं। हालांकि, उनका कहना है कि सभी घटनाओं की जांच की जा रही है।
रेलवे ने लोगों से अपील की है कि वे ट्रेनों पर पत्थर न फेंकें। यह कानूनी अपराध है और इससे यात्रियों की जान को खतरा हो सकता है।
