ऑपरेशन अमानत, नन्हें फरिश्ते और आहट में रिकॉर्ड काम, लेकिन यात्रियों के सवाल- चोरी के कितने केस सुलझे?

Deobarat Mandal

देवब्रत मंडल

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RPF डीडीयू मंडल की 5 माह में बड़ी उपलब्धि: 44.87 लाख का सामान लौटाया, 262 बच्चों को बचाया, 72 जानें बचाईं

डीडीयू/गया, 13 जून 2026। रेलवे सुरक्षा बल डीडीयू मंडल ने वर्ष 2026 में मई माह तक यात्री सुरक्षा और सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम किया है। वरीय मंडल सुरक्षा आयुक्त दिनेश सिंह तोमर के नेतृत्व में RPF की कई मानवीय पहलों से रेलवे के प्रति लोगों का भरोसा बढ़ा है।

5 महीने में RPF की 5 बड़ी उपलब्धियां

1. ऑपरेशन अमानत: 44.87 लाख का सामान लौटाया
मई 2026 तक 367 मामलों में ट्रेनों और स्टेशनों पर छूटे मोबाइल, आभूषण और कीमती सामान खोजकर यात्रियों को लौटाए गए। कुल कीमत 44,87,357 रुपये रही। इससे परेशान यात्रियों के चेहरे पर मुस्कान लौटी।

2. ऑपरेशन नन्हें फरिश्ते: 262 बच्चों को संरक्षण
घर से बिछड़े, लापता या संकटग्रस्त 262 नाबालिगों को बचाया गया। इनमें 163 लड़के और 99 लड़कियां शामिल हैं। सभी को परिजनों या बाल कल्याण एजेंसियों को सौंपा गया।

3. ऑपरेशन आहट: 41 बच्चों को तस्करों से मुक्त कराया
बाल तस्करी के खिलाफ अभियान में 27 लड़के और 14 लड़कियों को बचाया गया। 13 बाल तस्कर गिरफ्तार कर संबंधित एजेंसियों को सौंपे गए। इससे बच्चों को शोषण और जबरन मजदूरी से बचाया गया।

4. ऑपरेशन मातृशक्ति: 6 सुरक्षित प्रसव कराए
ट्रेन में प्रसव पीड़ा से गुजर रही 6 महिला यात्रियों को समय पर मदद देकर सुरक्षित प्रसव कराया गया। RPF ने दिखाया कि वे सुरक्षा के साथ सेवा में भी आगे हैं।

5. ऑपरेशन सेवा: 72 जानें बचाईं
ट्रैक, प्लेटफॉर्म और चलती ट्रेनों के पास दुर्घटना की आशंका वाले 72 लोगों की जान बचाई गई। घायलों को तुरंत मेडिकल सहायता दी गई।

यात्रियों का सवाल: चोरी के आंकड़े कहां हैं?

RPF की इन उपलब्धियों की सराहना हो रही है। लेकिन आम यात्रियों का सवाल है कि इतनी उपलब्धियों के बीच सफर के दौरान चोरी गए सामान का क्या?

  1. मई 2026 तक कितने यात्रियों के सामान चोरी हुए?
  2. चोरी के कितने मामलों का सफल उद्भेदन किया गया?
  3. कितने यात्रियों का चोरी गया सामान बरामद हुआ?
  4. सामान चोरी में कितने अपराधी पकड़े गए?
  5. 139 हेल्पलाइन पर कितनी शिकायतें दर्ज हुईं और किस स्टेशन पर सबसे ज्यादा केस आए?

यात्रियों का कहना है कि सरकारी आंकड़ों में सिर्फ बरामदगी नहीं, अपराध के आंकड़े और उनके निपटारे की स्थिति भी सार्वजनिक होनी चाहिए। तभी RPF की कार्यशैली का सही मूल्यांकन हो सकेगा।

RPF डीडीयू मंडल ने कहा है कि वह भविष्य में भी यात्रियों की सुरक्षा, सेवा और संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है।

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