देवब्रत मंडल

बिहार पुलिस आरक्षी और रेलवे एनटीपीसी सीबीटी-1 परीक्षा को लेकर गया जंक्शन पर 13 जून से 28 जून तक परीक्षार्थियों का भारी दबाव रहेगा। इस दौरान कुल 40,118 अभ्यर्थी गया के विभिन्न केंद्रों पर परीक्षा देंगे। बावजूद इसके, गया जंक्शन पर भीड़ नियंत्रण को लेकर कोई विशेष तैयारी नहीं की गई है।
कब-कब कितने परीक्षार्थी पहुंचेंगे गया
1. बिहार पुलिस आरक्षी परीक्षा:
- 14.06.26: 13,296
- 17.06.26: 13,296
- 24.06.26: 5,409
- 28.06.26: 6,911
(कुल: 38,912 अभ्यर्थी)
2. एनटीपीसी सीबीटी-1 परीक्षा:
13 जून से 20 जून तक रोज 1000+ अभ्यर्थी। 17 जून का आंकड़ा अभी स्पष्ट नहीं।
(कुल: 10,807+ अभ्यर्थी)
इनमें पटना गया, नवादा, जहानाबाद, औरंगाबाद, रोहतास, यूपी के चंदौली (मुगलसराय) और झारखंड के भी कई जिलों से परीक्षार्थी शामिल होंगे।
गया जंक्शन की तैयारी का हाल
परीक्षा को लेकर भीड़ नियंत्रण की तैयारियों पर पूछने पर स्टेशन प्रबंधक ने कहा, “गया जंक्शन पर भीड़ नियंत्रण के लिए हम हमेशा तैयार रहते हैं। परीक्षा को लेकर कोई विशेष सूचना नहीं आई है। अतिरिक्त भीड़ होने पर यार्ड में खड़े रेक को स्पेशल ट्रेन बनाकर चलाते हैं।”
सुरक्षा को लेकर समन्वय नहीं
जब पूछा गया कि आरपीएफ, जीआरपी और स्थानीय प्रशासन के साथ कोई बैठक या प्लानिंग हुई है? तो जवाब मिला, “ऐसी कोई बैठक या समन्वय स्थापित नहीं की गई है।”
जबकि दानापुर रेल मंडल ने स्पेशल ट्रेन की तैयारी कर ली है और पटना जंक्शन पर सुरक्षा अधिकारियों को अलर्ट पर रखा गया है।
विकास कार्य बनेगा मुसीबत
गया जंक्शन पर चल रहे विकास कार्यों के कारण प्लेटफॉर्म पर जगह-जगह लोहे के छड़ और निर्माण सामग्री बिखरी पड़ी है। भीषण गर्मी में ट्रेन और प्लेटफॉर्म पर यात्रियों के साथ परीक्षार्थियों की भीड़ बढ़ने पर हादसे की आशंका है।
जरूरत:
भीड़ नियंत्रण के साथ-साथ सुरक्षा, खानपान और पीने के पानी का बेहतर इंतजाम करना होगा।
क्या होना चाहिए
- अतिरिक्त फोर्स: आरपीएफ-जीआरपी की तैनाती बढ़ाई जाए
- हेल्प डेस्क: परीक्षार्थियों के लिए पूछताछ केंद्र बने
- पानी-शेड: भीषण गर्मी में पीने के पानी और छाया की व्यवस्था
- स्पेशल ट्रेन: दानापुर की तर्ज पर गया से भी स्पेशल ट्रेन चलाई जाए
- निर्माण सामग्री हटे: प्लेटफॉर्म से लोहे के छड़ और मलबा तुरंत हटाया जाए
गया जंक्शन डीडीयू मंडल का मुख्य स्टेशन है। 15 दिन में 40 हजार से ज्यादा परीक्षार्थियों के आने से रेल प्रशासन को अभी से ठोस प्लानिंग करनी होगी, वरना अव्यवस्था फैलने की संभावना है।
