देवब्रत मंडल

गया: शहर के बागेश्वरी गुमटी 71ए के स्थान पर प्रस्तावित आरओबी (रेलवे ओवरब्रिज) निर्माण योजना के तहत भूमि अधिग्रहण मुआवजा को लेकर नया मामला सामने आया है। पॉवरगंज बैरागी मोहल्ले की निवासी रूबी कुमारी ने जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को आवेदन देकर मुआवजा राशि में अपने परिवार के हक की अनदेखी किए जाने की आशंका जताई है।
भू अर्जन पदाधिकारी को दी आवेदन
रूबी कुमारी ने अपने आवेदन में बताया है कि अधिग्रहित की जाने वाली जमीन उनके स्वर्गीय दादा सहदेव साव के नाम से दर्ज है, जिसमें उनके पिता दीपक कुमार का वैधानिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि उनके दादा के चार पुत्र हैं, ऐसे में सभी उत्तराधिकारियों का समान हक बनता है।
मकान के म्युटेशन में साज़िश का आरोप
आवेदिका के अनुसार, उनके पिता मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं और परिवार में कोई पुत्र नहीं है। वह स्वयं अविवाहित हैं और अपने पिता की देखभाल कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके चाचा जयप्रकाश की पत्नी सुनीता देवी ने साजिश के तहत संबंधित जमीन और मकान का नगर निगम में अपने नाम से म्यूटेशन करा लिया है, जिसमें उनके पिता का नाम हटा दिया गया है।
मुआवजा से वंचित रखने की आशंका
रूबी कुमारी ने आशंका जताई है कि इसी तरह भूमि अधिग्रहण के बदले मिलने वाली मुआवजा राशि भी उनकी चाची और उनके पुत्र द्वारा एकल रूप से प्राप्त करने का प्रयास किया जा सकता है, जिससे उनके पिता को वंचित कर दिया जाएगा।
निष्पक्ष जांच की मांग
उन्होंने जिला भू-अर्जन पदाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और मुआवजा राशि का भुगतान सभी वैधानिक उत्तराधिकारियों के बीच बराबरी से सुनिश्चित करने की मांग की है। संबंधित भूमि पर पहले से मकान निर्मित है और जमीन का लगान भी कई वर्षों से लंबित है। मामले को लेकर प्रशासनिक स्तर पर जांच की मांग की है। जताई जा रही है।
