देवब्रत मंडल

गया जी। बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग ने नगर निकायों में विकास कार्यों और आपातकालीन योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर बड़ा फैसला लिया है। विभाग द्वारा जारी नए आदेश में स्पष्ट किया गया है कि आपातकालीन परिस्थितियों में अब योजनाओं के कार्यों को तेजी से पूरा करने के लिए विशेष व्यवस्था लागू की जाएगी।
विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार द्वारा जारी पत्र के अनुसार, पहले 15 लाख रुपये तक की योजनाओं का कार्य निविदा के माध्यम से कराया जाता था। लेकिन अब आपदा, नागरिक सुरक्षा और अत्यावश्यक सुविधाओं की बहाली जैसे कार्यों में तेजी लाने के उद्देश्य से नगर निकाय “पैनल प्रणाली” के माध्यम से भी काम करा सकेंगे।
सरकार ने निर्देश दिया है कि नगर निकाय पूर्व से ही संवेदकों का पैनल तैयार रखें, ताकि बाढ़, जलजमाव, सड़क टूटने, नाला ध्वस्त होने या अन्य आपात स्थिति में तुरंत काम शुरू कराया जा सके। यह पैनल अनुसूचित दर (SoR) के आधार पर बनेगा और इसकी वैधता एक वर्ष तक रहेगी। अधिकतम एक लाख रुपए की लागत तक के कार्य कराए जा सकते हैं।
इस आदेश को जनहित में बड़ा कदम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि अब नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत क्षेत्रों में जरूरी विकास कार्यों तथा आपातकालीन मरम्मत कार्यों में देरी कम होगी और लोगों को त्वरित राहत मिल सकेगी।
नगर विकास एवं आवास विभाग बिहार सरकार शहरी विकास, सड़क, जलनिकासी, स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में लगातार काम कर रहा है।
