देवब्रत मंडल

गया रेल थाना का बहुचर्चित सोना लूटकांड मामले में फरार चल रहे आरोपियों के खिलाफ रेल पुलिस अब कड़े एक्शन लेने की तैयारी कर रही है। यदि न्यायालय आरोपियों के विरुद्ध इश्तेहार की इजाज़त दे देता है तो कि जल्द ही यह कार्यवाही करने में देरी नहीं करेगी। इसके बाद भी यदि आरोपी सरेंडर नहीं करते हैं तो कुर्की जब्ती के लिए भी न्यायालय से इजाजत मांगी जाएगी।
न्यायालय से इश्तेहार के लिए की गई अपील
इस संबंध में पटना रेल पुलिस मुख्यालय के एक सीनियर ऑफिसर ने बताया कि इस कांड में फरार चल रहे सभी छः आरोपियों के विरुद्ध इश्तेहार के लिए न्यायालय से अपील की गई है लेकिन अबतक इजाज़त नहीं मिली है। उन्होंने बताया जैसे ही न्यायालय से आदेश जारी किया जाता है तो आरोपियों के घर पर इश्तेहार चस्पाने का काम किया जा सकता है। यदि इसके बाद भी गिरफ्तारी नहीं होती है या न्यायालय में आत्मसमर्पण नहीं करते हैं तो न्यायालय से कुर्की जब्ती के लिए अपील की जाएगी।
मोहित उर्फ गोलू को नहीं मिली जमानत
इधर, इस बहुचर्चित सोना लूटकांड में गया जी का एक स्वर्ण व्यवसायी मोहित अग्रवाल उर्फ गोलू को रेल पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। रेल पुलिस के सीनियर ऑफिसर ने बताया कि मोहित को न्यायालय से जमानत नहीं मिली है। वहीं उन्होंने बताया कि फरार चल रहे सभी छः आरोपियों में से कुछ आरोपियों द्वारा न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल किए जाने की जानकारी प्राप्त हुई है।
तत्कालीन रेल थानाध्यक्ष को मिल चुकी है जमानत
बता दें गया रेल थाना कांड संख्या 334/25 सोना लूटकांड से जुड़ा हुआ है। इस मामले में तत्कालीन रेल थानाध्यक्ष की गिरफ्तारी 31 दिसंबर 2025 को हुई थी। जिन्हें 24 जनवरी 2026 को गया व्यवहार न्यायालय से जमानत मिल गई है। जबकि इस मामले गया रेल थाना के चार सिपाही और दो सिविलियन आज भी फरार चल रहे हैं। जिन्हें गिरफ्तार करने के लिए रेल पुलिस मुख्यालय पटना के डीएसपी भास्कर रंजन के नेतृत्व में गठित एसआईटी की टीम लगातार छापेमारी कर रही है।
हावड़ा-जोधपुर एक्सप्रेस में हुई थी लूट की घटना
यह मामला उस वक्त प्रकाश में आया था जब हावड़ा-जोधपुर एक्सप्रेस से सोना लेकर चल रहे धनञ्जय शास्वत नामक एक यात्री से करीब एक किलोग्राम सोना लूट लिए जाने की शिकायत तत्कालीन रेल एसपी के निर्देश पर गया रेल थाना में 29.11.2025 को दर्ज हुई थी। घटना 21 नवंबर 2025 की है। इस मामले में धनञ्जय शास्वत का भी बयान न्यायालय में पुलिस दर्ज करा चुकी है।
इस मामले में बिनोद का भी न्यायालय में दर्ज है बयान
इसी मामले में बिनोद नामक एक और व्यक्ति जिसने पुलिस को पूछताछ में बताया था कि लूटे गए सोने की बिस्किट की कटाई की है और इसके एवज में उसे 15 सौ रुपये मिले थे। जिस जगह पर सोना काटने की बात विनोद ने बताया था वह एक आरओ प्लांट है। जो फरार चल रहे एक आरोपी का बताया गया है। पुलिस विनोद का भी बयान न्यायालय में दर्ज करवा चुकी है।
अधिकारी का है कहना
‘इस कांड में फरार चल रहे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है, आरोपी अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर किया है और पुलिस द्वारा इश्तेहार के लिए न्यायालय से अपील की गई है।’
भास्कर रंजन, रेल डीएसपी, पटना मुख्यालय
