नगर निगम: न लाभ, न हानि वाला 572 करोड़ रुपए का बजट पारित, वित्तीय अनियमितता को लेकर हुई तीखी बहस, बात #जेल तक जा पहुंची

Deobarat Mandal
20241010 1842142305844864569577159 नगर निगम: न लाभ, न हानि वाला 572 करोड़ रुपए का बजट पारित, वित्तीय अनियमितता को लेकर हुई तीखी बहस, बात #जेल तक जा पहुंची

बिहार में एक तरफ एनडीए द्वारा नए सिरे से एकबार फिर सरकार बनाने की कवायद तेज हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के द्वारा राज्यसभा के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी कर लिए जाने के बाद बिहार में जारी सियासी हलचल के बीच गया जी नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 572 करोड़ 18 लाख 68 हजार 305 रुपये के बजट को मंजूरी दे दी है। मेयर बीरेंद्र कुमार उर्फ गणेश पासवान ने बताया कि यह बजट “न लाभ, न हानि” के सिद्धांत पर आधारित है और इसका उद्देश्य गया की सूरत को स्मार्ट सिटी की तर्ज पर बदलना है।

गया नगर निगम बजट पर चर्चा करते हुए वार्ड पार्षद धर्मेंद्र कुमार ने वित्तीय अनियमितता का मुद्दा उठाते हुए इस पर जवाब मांगा। जिसको लेकर निगम के लेखा पदाधिकारी गौतम कुमार और पार्षद धर्मेंद्र कुमार के बीच इस विषय पर बहस हुई। बात जेल जाने और भेजने तक की बातें हो गई। इस मुद्दे पर वार्ड पार्षद रणधीर गौतम ने भी वार्ड पार्षद धर्मेंद्र कुमार का साथ देते हुए कहा कि वरीय पार्षद अपना सुझाव रख रहे हैं। उन्होंने लेखा पदाधिकारी की ओर मुखातिब होते हुए कहा-आपको ऐसा नहीं कहना चाहिये था। इसको लेकर करीब आधा घंटा सदन में दोनों के बीच बाद विवाद चलता रहा। बाकी किसी अन्य सदस्यों ने बजट पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

इस संबंध में पूछे जाने पर सशक्त स्थायी समिति के पूर्व सदस्य धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि पिछले बजट में विभिन्न मदों में व्यय के लिए प्राक्कलित राशि से अधिक का व्यय कर दिया गया है। जिसका उल्लेख वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में किया गया है। जबकि नियम यह कहता है कि यदि ऐसा किया गया था तो summary budget बोर्ड से पारित करा लेना चाहिए था लेकिन ऐसा नहीं किया जाना वित्तीय अनियमितता का द्योतक ही कहलाएगा।

वहीं बजट में बुनियादी ढांचे, स्वच्छता, पर्यावरण, यातायात और नागरिक सुविधाओं पर विशेष फोकस किया गया है। शहर के बड़े और छोटे सड़कों व नालों का निर्माण, जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत करना, स्ट्रीट लाइट और हाईमास्ट लाइट लगाना, ड्रेनेज सिस्टम का निर्माण और नालों की नियमित सफाई को प्राथमिकता दी गई है।

इसके अलावा, शहर के प्रमुख चौक-चौराहों के गोलंबरों का सौंदर्यीकरण, फाउंटेन और स्क्वायर डेवलपमेंट, ग्रीन एरिया विकसित करना, सर्विलांस सिस्टम लगाना और स्मॉग टॉवर के माध्यम से प्रदूषण नियंत्रण की योजना भी बजट में शामिल है।

रोजगार और सामाजिक योजनाओं के तहत राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (DAY-NULM) के तहत कंप्यूटर, सिलाई और ब्यूटी पार्लर जैसे प्रशिक्षण देकर हजारों लोगों को रोजगार से जोड़ने की योजना बनाई गई है।

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