देवब्रत मंडल

गया जंक्शन पर जहां एक चलती ट्रेन 12307 हावड़ा-जोधपुर एक्सप्रेस में हैंडबैग की चोरी की घटना पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई है तो वहीं दूसरी तरफ चेन स्नेचिंग की एक दूसरी घटना सामने आई है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। जानकारी के अनुसार, ट्रेन संख्या 12301 हावड़ा-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस में गया से नई दिल्ली की यात्रा कर रही एक महिला यात्री के साथ यह घटना उस समय घटी जब वह ट्रेन के कोच में चढ़ रही थीं।
कोच में चढ़ते ही गले से सोने का चेन झपट लिया
बताया जाता है कि महिला जैसे ही कोच में प्रवेश कर रही थीं, दरवाजे के पास पहले से मौजूद एक अज्ञात व्यक्ति ने उनके गले से सोने की चेन झपट ली और मौके से फरार हो गया। घटना इतनी तेजी से हुई कि यात्री को संभलने का मौका नहीं मिला। हालांकि, इस दौरान महिला को किसी प्रकार की शारीरिक चोट नहीं आई।
20 ग्राम था चोरी गए चेन का वजन,कीमत लगभग तीन लाख
यात्री के अनुसार छीनी गई चेन का वजन लगभग 20 ग्राम बताया गया है। इस वक्त इसकी कीमत तीन लाख रुपए से ऊपर की होगी। घटना के बाद ट्रेन में मौजूद सुरक्षा कर्मियों को इसकी सूचना दी गई, जिसके बाद संबंधित कोच में जांच की गई और मामले की जानकारी दर्ज की गई।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हुए
सूत्रों के अनुसार, पीड़ित यात्री ने आगे गंतव्य स्टेशन पर इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने की बात कही है। इस घटना के बाद गया रेलवे स्टेशन और गया जंक्शन से गुजरने वाली ट्रेनों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।
फिर एक बार महिला यात्री शिकार हुईं
इस तरह की घटना से यात्रियों में सफर के दौरान चिंताएं लगातार बढ़ती ही जा रही है। अभी हाल ही में जहां 12307 हावड़ा-जोधपुर एक्सप्रेस में सफर कर रही महिला यात्री श्वेता शर्मा के साथ जहाँ चोरी की बड़ी घटना हुई थी। इस बीच राजधानी एक्सप्रेस की घटना ने सुरक्षा पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं।
श्वेता शर्मा के मामले में कोडरमा पहुंची जांच टीम
इधर, सूत्रों ने बताया कि शुक्रवार की रात पटना रेल पुलिस मुख्यालय से टेक्निकल टीम गया रेल थाना पहुंची थी। जिनके साथ गया रेल थानाध्यक्ष व एक दो पदाधिकारी श्वेता शर्मा के साथ हुई घटना की जांच के लिए कोडरमा गई है। विशेष जांच शुरू कर दी गई है।
रेल प्रशासन से यात्रियों की अपेक्षा
रेल प्रशासन से यात्रियों द्वारा अपेक्षा की जा रही है कि ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्लेटफॉर्म और कोच के प्रवेश द्वारों पर सुरक्षा और निगरानी को और सख्त किया जाए, ताकि यात्रियों की यात्रा सुरक्षित रह सके।
